उत्तर प्रदेश के IAS अफसर रिंकू सिंह राही ने यह इल्जाम लगाते हुए इस्तीफा दे दिया कि उनको लंबे समय से पोस्टिंग नहीं दी जा रही है. नहीं कोई काम दिया जा रहा है. वो उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद से संबद्ध है. उनके पास नही कोई काम और नहीं गरिमापूर्ण कार्य आवंटन. अपने विस्तृत पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें काम करने का अवसर नहीं दिया गया और “संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम” चल रहा है. इस पर जमकर राजनीति भी हो रही है. अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है.

अजय राय ने एक्स पर लिखा कि ‘एक ईमानदार अधिकारी का सिस्टम से हारकर इस्तीफा देना, यूपी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की पोल खोलता है. जिस जांबाज IAS ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 7 गोलियां खाईं, उसे भाजपा सरकार ने 8 महीने तक किनारे लगा कर रखा. साफ है कि इस सरकार में भ्रष्टाचारियों को संरक्षण और ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ना मिलती है. अंकुश राज जैसे अधिकारियों का जाना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है. शर्मनाक!’

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बता दें कि बुधवार को अखिलेश यादव ने कहा था कि ‘हर अच्छे अधिकारी से हमारी मांग है कि भावावेश में आकर कोई फैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं. पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान और असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी. क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफिसर्स की जरूरत पड़ती है. अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा कद्र की है और आगे भी करेंगे.’