कोंडागांव। बस्तर की भौगोलिक विषमताओं और कठिन परिस्थितियों के बीच विकास की एक ऐसी नई इबारत लिखी गई है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक नामुमकिन थी। जहां ककनार घाटी के नीचे बसे सुदूर गांव कुधूर, धरमाबेड़ा, चंदेला, ककनार और पालम जो कभी वामपंथी आतंक के गढ़ माने जाते थे, आज मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के माध्यम से मुख्यधारा से जुड़ गए हैं। इन गांवों के निवासियों के लिए पक्की सड़क का निर्माण एक ऐसा सपना था, जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल था, लेकिन अब वामपंथी समस्या के कमजोर पड़ने और सुरक्षा बलों की सक्रियता के चलते इन इलाकों में पक्की सड़कों का जाल बिछ पाया है, जिससे न केवल आवागमन आसान हुआ है बल्कि ग्रामीणों के मन से अलगाव का डर भी खत्म हुआ है। जहां कभी पगडंडियों पर चलना जोखिम भरा था, आज उन्हीं रास्तों पर बस दौड़ रही है और यह बदलाव बस्तर की नई तस्वीर का सबसे मजबूत प्रमाण बन गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा अब केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि विश्वास और विकास की कड़ी बन चुकी है, जो मर्दापाल से शुरू होकर दुर्गम घाटियों के गांवों को जोड़ते हुए जगदलपुर तक पहुंचती है और दशकों से सड़क और बस का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
खेल से सीख तक ट्रायबल गेम्स ने बदली पहचान
जगदलपुर। धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स 2026 केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि सीखने और प्रेरणा का बड़ा मंच बनकर उभरा है, जहां अंतिम दिन आयोजित खिलाड़ी परिचर्चा में देशभर से आए राष्ट्रीय चैंपियन खिलाड़ियों ने बस्तर के युवाओं से संवाद किया और उन्हें बताया कि मैदान में सफलता केवल शारीरिक ताकत से नहीं बल्कि मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से मिलती है। खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन ही किसी भी खिलाड़ी को शून्य से शिखर तक पहुंचाता है, वहीं स्थानीय प्रतिभाओं ने भी तकनीक और मानसिक मजबूती से जुड़े सवाल पूछे जिनका विशेषज्ञ खिलाड़ियों ने विस्तार से जवाब दिया। प्रशासन की इस पहल ने आयोजन को एक नई पहचान दी है और अधिकारियों के अनुसार ऐसे मंच खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे अब बस्तर केवल नक्सलवाद नहीं बल्कि खेल प्रतिभा के लिए भी पहचाना जा रहा है।

मौसम का मिजाज का बदलता संकेत – इस बार पड़ेगी तेज गर्मी
जगदलपुर। बस्तर में इस साल रिकॉर्ड गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि मार्च के पहले सप्ताह में ही तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया था, हालांकि बीच में मौसम बदलने और हल्की बारिश से अस्थायी राहत जरूर मिली लेकिन मौसम खुलते ही तापमान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है। पिछले साल लगातार मौसम परिवर्तन के कारण गर्मी कम महसूस हुई थी, लेकिन इस बार मौसम के स्थिर रहने के संकेत मिल रहे हैं जिससे तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है, जो बस्तर का अधिकतम स्तर रहा है। खास बात यह है कि यहां 40 डिग्री के आसपास पहुंचते ही दोपहर बाद मौसम बदल जाता है, लेकिन जंगलों की अंधाधुंध कटाई के चलते मौसम चक्र प्रभावित हो रहा है और इसके चलते गर्मी अधिक तीव्र हो सकती है, जिससे मार्च से मई के बीच लू जैसी स्थिति भी बन सकती है और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
परंपरा में विज्ञान आमा तिहार दे रहा प्रकृति संरक्षण का संदेश
जगदलपुर। दुनिया भर की आदिवासी संस्कृतियों की तरह बस्तर की परंपराओं में भी प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव देखने को मिलता है और इसी कड़ी में आमा तिहार एक ऐसा पर्व है जो वैज्ञानिक सोच और आस्था का अनोखा संगम प्रस्तुत करता है, जिसमें नए आम को देवताओं को अर्पित करने के बाद ही उपयोग में लाया जाता है। गांव-गांव में सामूहिक पूजा और प्रसाद के रूप में भोजन ग्रहण करने की परंपरा इस पर्व को विशेष बनाती है और यह प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पर्वों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि यह पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हैं, वहीं दुनिया की अन्य संस्कृतियों में भी मौसमी फलों को विशेष महत्व दिया गया है। सनातन परंपरा में भी ‘ऋतु फल’ अर्पित करने की परंपरा रही है, जो यह दर्शाती है कि मानव और प्रकृति का संबंध अटूट है और बस्तर की परंपराएं इस दिशा में अग्रणी उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
बीपीएस चुनाव में सियासी रंग, दो पैनलों के बीच कड़ी टक्कर
जगदलपुर। एशिया के बड़े परिवहन संघ बीपीएस के चुनाव को लेकर माहौल गर्म हो गया है, जहां 4 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए अपना पैनल और एकता पैनल आमने-सामने हैं और दोनों ही अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ लगातार सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं और उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं शहर में भी प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। पहले बाहरी क्षेत्रों के सदस्यों से संपर्क किया गया और अब शहर में सक्रिय प्रचार देखा जा रहा है, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। बीपीएस चुनाव में राजनीतिक हस्तक्षेप भी देखने को मिलता है, जिसके कारण यह मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया है और अब सभी की नजर मतदान के दिन पर टिकी हुई है।
स्कूल की बदहाली पर सख्ती, प्रशासन ने की कार्रवाई
सुकमा। चिंतलनार स्थित पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है, जहां कलेक्टर के आकस्मिक निरीक्षण में विद्यालय की स्थिति बेहद खराब पाई गई, जिसके बाद अधीक्षक को नोटिस जारी करने के साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया कि कर्मचारियों पर नियंत्रण कमजोर है और पूर्व में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। निरीक्षण के दौरान परिसर में साफ-सफाई का अभाव, छात्रावास की खराब स्थिति और बच्चों के रहने की अव्यवस्था स्पष्ट रूप से सामने आई, जिससे प्रबंधन की लापरवाही उजागर हुई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
100 करोड़ की सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण पर उठे सवाल
दंतेवाड़ा। किरंदुल से दंतेवाड़ा के बीच बनी सड़क और पुलियों पर खर्च किए गए करीब 100 करोड़ रुपए अब सवालों के घेरे में हैं, जहां आरोप है कि ठेकेदार और विभागीय इंजीनियरों की मिलीभगत से घटिया निर्माण किया गया है। पुलियों को मजबूत बनाने के बजाय केवल औपचारिकता निभाई गई और छह महीने के भीतर ही गार्ड रेल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है और किसी भी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में पूरा इलाका प्रभावित हो सकता है। सड़क पर कई खतरनाक मोड़ और संकरी जगहें हैं, जिन्हें सुधारने के बजाय नजरअंदाज किया गया है, जिससे भारी वाहन फंसते हैं और जाम की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है और वे जांच व सुधार की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह सड़क अब विकास के बजाय खतरे का कारण बनती जा रही है।
राहत के साथ चिंता, बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
बस्तर। जिला मुख्यालय में अचानक मौसम बदलने और हुई हल्की से मध्यम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए चिंता भी बढ़ा दी है क्योंकि इस समय मक्का, धान और सब्जियों की खेती जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बारिश फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है, लेकिन अगर बारिश तेज या लगातार होती है तो जलभराव की स्थिति बन सकती है जिससे फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खासकर हरी सब्जियों में सड़न और कीट प्रकोप का खतरा बढ़ जाता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि फिलहाल राहत जरूर मिली है लेकिन आगे के मौसम को लेकर सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि असमय बारिश का असर कृषि पर पड़ सकता है।
छात्रों का नवाचार, डिजिटल किताबों से बदल रही पढ़ाई
कोंडागांव। केशकाल के पीएमश्री विद्यालय के छात्रों ने शिक्षा के क्षेत्र में अनोखी पहल करते हुए दो वर्षों की मेहनत से एनसीईआरटी आधारित डिजिटल और आकर्षक पुस्तकों का निर्माण किया है, जिनमें क्यूआर कोड के माध्यम से ऑडियो-वीडियो सामग्री जोड़ी गई है। इससे छात्रों को विषय को समझने में आसानी हो रही है और उनकी श्रवण व उच्चारण क्षमता भी बेहतर हो रही है। पुस्तकों को सरल भाषा, चित्रों और रचनात्मक शैली में तैयार किया गया है, जिससे व्याकरण और पाठ दोनों को सहज तरीके से समझाया गया है। इस परियोजना के तहत कुल 15 पुस्तकों और एक समग्र व्याकरण पुस्तक का निर्माण किया गया है, जो स्कूली छात्रों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही है और यह पहल डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
ट्रायबल गेम्स का समापन, खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
जगदलपुर। धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित ट्रायबल गेम्स 2026 का भव्य समापन हुआ, जहां एथलेटिक्स स्पर्धाओं में देशभर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और ट्रैक पर रफ्तार व शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 10 हजार मीटर दौड़ से लेकर 200 मीटर और 1500 मीटर तक के मुकाबलों में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, वहीं छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने भी पदक जीतकर राज्य का मान बढ़ाया। ओडिशा की टीम ने सर्वाधिक पदकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि अन्य राज्यों ने भी कड़ी टक्कर दी। भाला फेंक और लंबी कूद जैसी स्पर्धाओं में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला और रिले रेस में टीम वर्क का बेहतरीन उदाहरण सामने आया। इस आयोजन ने बस्तर के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान किया है।
छात्रावास में लापरवाही, अधीक्षक पर गिरी गाज
सुकमा। कोन्टा स्थित प्री मैट्रिक बालक छात्रावास में छात्रों की निगरानी में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है, जहां प्रभारी अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें मूल पदस्थापना स्थल भेज दिया गया है। इससे पहले अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में छात्रों की निगरानी में गंभीर लापरवाही और शासकीय निर्देशों की अनदेखी सामने आई, जिसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। इसके चलते अधीक्षक की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है और छात्रावास संचालन की जिम्मेदारी अन्य अधिकारी को सौंप दी गई है, जिससे व्यवस्था को सुधारने की कोशिश की जा रही है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

