मंगल देव को ग्रहण का सेनापति कहा जाता है. 2 अप्रैल को दोपहर 3:28 मिनट पर मंगल ने मीन राशि में प्रवेश कर लिया है. यह गोचर 11 मई को दोपहर 12:38 मिनट तक रहेगा. जिसके बाद मंगलदेव मेष राशि में प्रवेश कर जायेगी. मीन राशि में पहले ही शनि और सूर्य मौजूद है. मंगल से युति कर त्रिग्रही योग और आदित्य राजयोग का निर्माण कर रहे हैं. जिसे ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.

ग्रहों के इस परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा. जहां कुछ राशियों को लाभ मिलेगा तो कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत होगी. मीन राशि के लिए यह गोचर मिला-जुला परिणाम देने वाला रहेगा. साढ़ेसाती और ढैय्या से पीड़ित राशियों को मानसिक तनाव और करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान सफलता के लिए मेहनत और धैर्य जरूरी रहेगा.
मेष राशि
जातकों को भी सावधान रहने की जरूरत है. मंगल का गोचर 12वें भाव में होने से खर्च बढ़ सकते हैं. पारिवारिक जीवन में तनाव की स्थिति बन सकती है. किसी भी बड़े निवेश से पहले सोच-विचार करना आवश्यक होगा.
कन्या राशि
यह समय रिश्तों और साझेदारी के मामलों में चुनौतीपूर्ण रह सकता है. गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. व्यापारिक साझेदारी में भी परेशानी आ सकती है. नए कार्यों की शुरुआत फिलहाल टालना ही बेहतर होगा.
तुला राशि
जातकों को इस दौरान स्वास्थ्य के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी होगी. अचानक बदलाव और संघर्ष की स्थिति बन सकती है. करियर में आगे बढ़ने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी.
वृषभ राशि
समेत कुछ राशियों के लिए यह गोचर लाभकारी भी माना जा रहा है. जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार और करियर में सफलता के संकेत मिल रहे हैं.
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