ईरान ने शुक्रवार को अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया था. इस घटना के बाद एक अमेरिकी पायलट ईरान की जमीन पर लापता हो गया है. ईरान की सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) अब उस पायलट की तलाश में जुट गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन ने लोगों से कहा है कि अगर कोई दुश्मन के सैनिक को पकड़ता है या मारता है, तो उसे इनाम दिया जाएगा. हगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के गवर्नर ने अमेरिकी पायलट को पकड़कर सौंपने पर 10 अरब तोमान यानी करीब 55 लाख रुपये देने की बात कही है.
ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट गिराने का दावा किया, जिससे एक पायलट लापता हो गया. ईरान में पायलट की तलाश के लिए इनाम का ऐलान किया गया है. ईरान ने अमेरिका के A-10 एयरक्राफ्ट पर भी हमले का दावा किया है. अमेरिका पायलट के लिए रेस्क्यू मिशन चला रहा है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस F-15E विमान में दो पायलट सवार थे. इनमें से एक को शुक्रवार को रेस्क्यू कर लिया गया, लेकिन दूसरे की तलाश अभी भी जारी है. इसी बीच ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने एक और अमेरिकी विमान A-10 को निशाना बनाया, जो कुवैत में जाकर क्रैश हो गया. हालांकि उसका पायलट समय रहते बाहर निकल गया और बच गया.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को लापता पायलट को खोजने के लिए अमेरिका ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. इसके तहत हेलिकॉप्टर और दूसरे विमान भेजे गए, लेकिन इन पर भी ईरान की तरफ से फायरिंग हुई. हालांकि ये विमान किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे.
यह घटना अमेरिका के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि पिछले 23 सालों में यह पहली बार है, जब किसी युद्ध में अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया गया है. इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ऐसा हुआ था. अब डर है कि अगर लापता पायलट जिंदा पकड़ा गया, तो उसे बंधक बनाया जा सकता है. इससे युद्ध और भी गंभीर हो सकता है.
अमेरिका के अंदर भी इस युद्ध को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं. कुछ लोग जमीनी हमले के खिलाफ हैं, वह इराक और वियतनाम युद्ध की पुरानी गलतियों की याद दिला रहे हैं. इसी बीच अमेरिका ने हजारों सैनिकों को मिडिल ईस्ट में भेज दिया है, जिससे ग्राउंड ऑपरेशन की आशंका भी बढ़ गई है.
इस बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि यह जंग अब सत्ता परिवर्तन से घटकर पायलट की तलाश तक सीमित हो गई है. यह स्थिति अमेरिका के लिए चिंता बढ़ाने वाली है. हगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के गवर्नर ने अमेरिकी पायलट को पकड़कर सौंपने पर 10 अरब तोमान यानी करीब 55 लाख रुपये देने की बात कही है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

