अशोक कुमार जायसवाल, चंदौली. मुगलसराय क्षेत्र के महेवा और मेहमदपुर गांवों में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है. पिछले करीब पांच वर्षों से इन गांवों में टूटी सड़कें, जर्जर नालियां और जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.

महमा गांव के निवासी महेंद्र प्रसाद सोनकर के अनुसार, नहर से मऊई गांव तक सड़क और नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं. खराब रास्तों के कारण आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं. वहीं, नालियों की समुचित व्यवस्था न होने से पूरे क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जिलाधिकारी, एसडीएम, बीडीओ, ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित शिकायतें दीं. हर बार 10-20 दिन में कार्य शुरू होने का आश्वासन मिला, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

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राजस्व सरप्लस वाले राज्य में बजट की कमी

स्थानीय शिवभजन चौहान बताते हैं कि वे पिछले चार साल से नाली निर्माण को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि हर बार अधिकारियों द्वारा बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब बड़े आयोजनों में करोड़ों खर्च होते हैं, तो गांव की मूलभूत समस्याओं के लिए धन क्यों नहीं उपलब्ध कराया जाता. महेवा गांव की निवासी नंदनी ने बताया कि नालियों की खराब स्थिति के कारण हर जगह गंदा पानी भरा रहता है. इसी कीचड़ में फिसलकर वे खुद घायल हो चुकी हैं. बच्चों को स्कूल जाने के लिए भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बना रहता है.

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अनदेखी कर रहा प्रशासन- प्रधान

मेहमदपुर गांव में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. ग्राम प्रधान जमुना प्रसाद भारती ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने 5-6 बार जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीण पिछले कई वर्षों से गंदगी और जलभराव के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर से मऊई गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, नालियों का स्थायी और सही निर्माण हो और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.