दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। शहर में रसोई गैस (एलपीजी सिलेंडर) की भारी किल्लत और कथित कालाबाजारी के खिलाफ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में छात्र सब्जी, पोहा और चूल्हा लेकर सीधे कलेक्ट्रेट गेट पहुंच गए और वहीं खाना बनाना शुरू कर दिया। छात्रों का आरोप है कि 900 रुपये का सिलेंडर 3500 से 4000 रुपये में ब्लैक में बेचा जा रहा है।
मुफ्त भोजन नहीं, वाजिब दाम पर सिलेंडर चाहिए
सूचना मिलते ही तहसीलदार सरिता मालवीय और शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने छात्रों को शांत करने के लिए दीनदयाल रसोई से भोजन कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे छात्रों ने साफ तौर पर ठुकरा दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मप्र आदिवासी विकास परिषद के छात्र प्रभाग और एडवोकेट राजू उईके ने स्पष्ट किया कि उन्हें मुफ्त भोजन नहीं, बल्कि वाजिब दाम पर सिलेंडर चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों ने जब छात्रों से दस्तावेज मांगे, तो यह बात सामने आई कि अधिकांश छात्र किराए के कमरों में रहते हैं और उनके पास स्थानीय गैस एजेंसियों के कनेक्शन नहीं हैं।
एक घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ
तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जिनके पास जिले के कनेक्शन हैं, वे मंगलवार को अपनी बुक और DSC नंबर लेकर आएं, उन्हें प्राथमिकता से सिलेंडर दिलवाया जाएगा। हंगामे के बीच जब कांग्रेस नेता फैजान ने सभी छात्रों के भोजन की निजी व्यवस्था करने की बात कही, तब छात्र मान गए और एक घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की किल्लत दूर नहीं हुई और कालाबाजारी पर लगाम नहीं कसी गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
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