पटना। पुलिस और विशेष कार्य बल (STF) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में राजधानी के सबसे कुख्यात अपराधियों में से एक, शिव गोप को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जक्कनपुर थाना क्षेत्र से दबोचा गया शिव गोप पटना पुलिस की टॉप-10 वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी और जमीन कब्जाने जैसे दो दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं।
2018 के हत्या मामले में हुई गिरफ्तारी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिव गोप की ताजा गिरफ्तारी वर्ष 2018 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में की गई है। वह लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी लोकेशन ट्रेस कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर STF ने घेराबंदी कर उसे जक्कनपुर इलाके से दबोच लिया।
दीपक मेहता हत्याकांड में संलिप्तता
शिव गोप का नाम जेडीयू नेता और दानापुर नगर परिषद के उपाध्यक्ष दीपक मेहता की हत्या में भी प्रमुखता से आया था। 28 मार्च 2022 को दीपक मेहता की उनके घर के बाहर कार्बाइन से भूनकर हत्या कर दी गई थी। गिरफ्तार शूटर्स ने कबूल किया था कि जमीन विवाद के चलते शिव गोप और रवि गोप ने 7 लाख रुपये की सुपारी देकर यह हत्या करवाई थी।
अपराध की दुनिया का पुराना खिलाड़ी
90 के दशक में पटना के मीठापुर और आसपास के इलाकों में शिव गोप का जबरदस्त खौफ था। बताया जाता है कि पटना में अपराध के लिए कार्बाइन जैसे अत्याधुनिक हथियारों का चलन शुरू करने वाला वह पहला अपराधी था। लगभग 21 साल जेल में बिताने के बाद जब वह बाहर आया, तो उसने फिर से अपना नेटवर्क सक्रिय कर लिया। वह न केवल खुद वारदातों को अंजाम देता था, बल्कि अन्य गिरोहों को शूटर और हथियार भी मुहैया कराता था।
श्मशान घाट से जेल तक का सफर
इससे पहले, 2024 में शिव गोप को पूर्व राजद विधायक रीतलाल यादव के पिता के अंतिम संस्कार के दौरान दीघा घाट से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, कानूनी दांव-पेंच के कारण वह फिर बाहर आ गया था। वर्तमान में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों और सफेदपोश मददगारों का खुलासा किया जा सके।
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