पटना। बिहार में खरमास की समाप्ति (14 अप्रैल) के बाद शुरू हो रहे वैवाहिक सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने एलपीजी वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब शादी-विवाह जैसे आयोजनों के लिए गैस सिलेंडर प्राप्त करने हेतु शादी का निमंत्रण पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह कदम घरेलू गैस की किल्लत को दूर करने और व्यावसायिक सिलेंडरों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उठाया है।

​SDO को देना होगा आवेदन

​नए नियमों के मुताबिक, आयोजक को अपने क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास एक औपचारिक आवेदन जमा करना होगा। इस आवेदन के साथ शादी का कार्ड संलग्न करना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, आवेदन में मेहमानों की अपेक्षित संख्या और आवश्यक सिलेंडरों का ब्यौरा देना होगा। SDO इन आंकड़ों की समीक्षा करेंगे और जरूरत के आधार पर तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को वाणिज्यिक सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश देंगे।

​घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर लगेगी लगाम

​सरकार के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अक्सर शादियों में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग होता है, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं की आपूर्ति बाधित होती है। अब कैटरर्स और रसोइयों के लिए भी कमर्शियल गैस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन प्रक्रिया और पंजीकरण को 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

​ईरान-अमेरिका तनाव का बिहार पर असर

​बिहार में वर्तमान में गैस संकट गहराया हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव और सीजफायर की स्थितियों ने आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। राजधानी पटना सहित चंपारण और दरभंगा जैसे जिलों में स्थिति चिंताजनक है।

​आंकड़ों में गैस का संकट

  • ​वेटिंग लिस्ट: राज्य में लगभग 16.56 लाख ग्राहकों को सिलेंडर का इंतजार है।
  • ​प्रतीक्षा अवधि: शहरों में वेटिंग पीरियड 48 दिन और ग्रामीण इलाकों में 55 दिन तक पहुंच गया है।
  • ​पटना की स्थिति: अकेले राजधानी में 6 अप्रैल तक वेटिंग लिस्ट 1.62 लाख से अधिक दर्ज की गई।

​इस नई व्यवस्था से सरकार को उम्मीद है कि शादी के सीजन में गैस की कालाबाजारी रुकेगी और आम जनता को रसोई गैस के लिए लंबी वेटिंग से राहत मिलेगी।