इन दिनों हरियाणा में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अप्रैल के महीने में फरवरी जैसी गुलाबी ठंड पड़ रही है। आलम ये है कि, राज्य के कई जिलों में रात का तापमान 6 डिग्री के नीचे दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी ओर सुबह के वक्त सूरज की तपिश लोगों को काफी परेशान कर रही है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, 13 अप्रैल से बारिश की संभावना जताई जा रही है। जिससे तापमान में एक बार फिर गिरावट की संभावना बनी हुई है।

चंडीगढ़। पिछले दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से हरियाणा के मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। दिन में सूरज की तपिश जहां लोगों के पसीना छुड़ा दे रही है, तो रात का पारा 6 डिग्री के नीचे पहुंच चुका है, जिससे अप्रैल में फरवरी महीने के जैसे ठंड का अहसास हो रहा है।
दिन और रात के पारे में बड़ा अंतर
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 9 अप्रैल को प्रदेश का न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 4 डिग्री से कम रहा। राज्य में सबसे कम पानीपत में 13 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया है। दूसरी तरफ, गुरुग्राम में दिन का तापमान 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिन और रात के तापमान में आ रहे इस भारी अंतर की मुख्य वजह बारिश के बाद चलने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएं और आसमान का साफ होना है।
13 अप्रैल से फिर मंडराएंगे बादल
मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, फिलहाल 12 अप्रैल तक मौसम ऐसा ही रहेगा। हालांकि, 12 अप्रैल की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके असर से 13 और 14 अप्रैल को प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हवाओं की रफ्तार बदल सकती है। इस बदलाव से तापमान में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
सेहत पर पड़ सकता है असर
दिन में तेज धूप और रात में अचानक बढ़ती ठंडक का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में इस तरह के बड़े बदलाव से सर्दी-खांसी और वायरल बुखार का खतरा बढ़ जाता है। किसानों के लिए भी यह समय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बदलता मौसम फसलों की कटाई और मड़ाई पर सीधा असर डालता है। आने वाले दिनों में दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी होने की संभावना है, लेकिन सुबह-शाम की ठंडक अभी कुछ दिन और बनी रहेगी।
