जिले में रसोई गैस की कमी के बीच अब 5 किलो वाले छोटू सिलिंडर की सप्लाई शुरू कर दी गई है। गैस कंपनियों की ओर से हर एजेंसी को शुरुआती चरण में 35-35 सिलिंडरों का कोटा आवंटित किया गया है। धीरे-धीरे सभी एजेंसियों तक सप्लाई पहुंचाकर व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

करनाल। जिले में रसोई गैस की कमी के बीच अब 5 किलो वाले छोटू सिलिंडर की सप्लाई शुरू कर दी गई है। गैस कंपनियों की ओर से हर एजेंसी को शुरुआती चरण में 35-35 सिलिंडरों का कोटा आवंटित किया गया है। धीरे-धीरे सभी एजेंसियों तक सप्लाई पहुंचाकर व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

वीरवार को कई गैस एजेंसियों में छोटू सिलिंडर की खेप पहुंच चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर सप्लाई अभी बाकी है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में सभी एजेंसियों को यह उपलब्ध करा दिया जाएगा। इससे जिले के करीब 15 हजार प्रवासी परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

महंगे ब्लैक रेट से परेशान थे प्रवासी परिवार

अब तक कई प्रवासी परिवार मजबूरी में ब्लैक मार्केट से करीब 300 रुपये प्रति किलो की दर से गैस खरीद रहे थे। इससे एक सिलिंडर भरवाने में लगभग 1500 रुपये तक खर्च हो जाता था। कई परिवारों ने वैकल्पिक उपाय अपनाए, लेकिन गैस की समस्या बनी रही और घरेलू जरूरतें प्रभावित हुईं।

नई व्यवस्था: बिना कनेक्शन ID कार्ड पर मिलेगा सिलिंडर

सरकार ने अब बिना गैस कनेक्शन के केवल पहचान पत्र के आधार पर 5 किलो का सिलिंडर देने की व्यवस्था शुरू की है।

5 किलो सिलिंडर की कीमत: ₹597.50
पहली बार कुल भुगतान: ₹1541
₹597.50 गैस शुल्क
₹944 सुरक्षा जमा (जमानत राशि)

सिलिंडर वापस करने पर लगभग ₹800 जमानत राशि लौटाई जाएगी, जिसमें GST कटौती शामिल होगी।

कीमत का तुलनात्मक असर

यह छोटा सिलिंडर कुछ मामलों में महंगा भी पड़ रहा है। इसकी गैस लगभग ₹120 प्रति किलो पड़ती है, जो:

कमर्शियल गैस (~₹112/किलो) से थोड़ी अधिक
घरेलू गैस (~₹65/किलो) से काफी ज्यादा

इसके बावजूद यह व्यवस्था प्रवासी मजदूरों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।

प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत की उम्मीद

एलपीजी फेडरेशन के सदस्य सुभाष गर्ग के अनुसार, अब तक लोग मजबूरी में महंगे दामों पर गैस खरीद रहे थे। छोटू सिलिंडर की सप्लाई शुरू होने से उन्हें राहत मिलेगी और ब्लैक मार्केट पर निर्भरता कम होगी।

फिलहाल सीमित कोटा होने के कारण वितरण चरणों में किया जा रहा है। आने वाले समय में सप्लाई बढ़ने पर स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।