हिसार के बाद हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना आश्रम में 12 साल बाद जेल से रिहा होकर लौटे रामपाल ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे अपने अनुयायियों को संबोधित किया। लंबे अंतराल के बाद उनके मंच पर आने को समर्थकों ने एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक पल के रूप में देखा।

हिसार। हिसार के बाद हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना आश्रम में 12 साल बाद जेल से रिहा होकर लौटे रामपाल ने शुक्रवार रात करीब आठ बजे अपने अनुयायियों को संबोधित किया। लंबे अंतराल के बाद उनके मंच पर आने को समर्थकों ने एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक पल के रूप में देखा।

आश्रम परिसर में इस बार पहले जैसी भीड़ नहीं थी। अदालत की शर्तों के कारण पहले से ही अनुयायियों को सीमित संख्या में आने का संदेश दिया गया था। जो लोग मौजूद थे, वे शांत होकर बैठे रहे और एक-एक कर अपने गुरु को दंडवत प्रणाम करते दिखे। सत्संग का प्रसारण ऑनलाइन लिंक के जरिए भी किया गया, ताकि अनुयायी दूर से भी जुड़ सकें।

मंच पर आते ही रामपाल ने अपने संबोधन की शुरुआत एक सीधी और सरल बात से की—“जो होता है, अच्छे के लिए होता है, पुराना समय भूल जाओ।” इसके बाद उन्होंने कहा कि यह समय उनके और उनके अनुयायियों के लिए एक “संघर्ष और जीत” जैसा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी समाज के भले के लिए काम करते रहेंगे और जल्द ही फिर से बड़े स्तर पर अनुयायियों से मिलेंगे।

इस दौरान उनके अनुयायी लगातार उन्हें प्रणाम करते रहे और माहौल शांत लेकिन भावनात्मक बना रहा। रामपाल के शब्दों में बीते वर्षों की कहानी और अनुभवों की झलक साफ दिखाई दी, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने और पुराने विवादों को पीछे छोड़ने पर जोर दिया।

देशभर में फैले आश्रम नेटवर्क का जिक्र

रामपाल से जुड़े आश्रम कई राज्यों में मौजूद हैं, जिनमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और नेपाल शामिल हैं। इनके अलग-अलग केंद्र लंबे समय से उनके अनुयायियों की गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।

कानूनी मामलों और सजा का बैकग्राउंड

० रामपाल के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

० 2014 का बरवाला आश्रम मामला, जिसमें महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई थी
० 2018 में हत्या, अवैध हिरासत और साजिश के मामलों में उम्रकैद की सजा
० कई अन्य केस जैसे आर्म्स एक्ट और यूएपीए से जुड़े आरोप

० 2025 में हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली और 2026 में उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी हुई।

आश्रम परिसरों की मौजूदा स्थिति

हरियाणा के बरवाला आश्रम और आसपास के कुछ परिसरों को प्रशासन ने पहले ही सील कर दिया था और वे अब भी पुलिस निगरानी में हैं। वहीं कुछ अन्य आश्रमों में या तो मरम्मत कार्य चल रहा है या उनका उपयोग सीमित रूप से बदला गया है।

रिहाई के बाद का माहौल

जेल से बाहर आने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे धनाना आश्रम ले जाया गया। समर्थकों की भीड़ को नियंत्रित किया गया और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी।

लंबे कानूनी संघर्ष और जेल जीवन के बाद रामपाल की वापसी उनके अनुयायियों के लिए एक बड़ा भावनात्मक क्षण रहा। हालांकि उनके खिलाफ कानूनी मामलों की पृष्ठभूमि अभी भी चर्चा में बनी हुई है, और आश्रम परिसरों की स्थिति भी प्रशासनिक नियंत्रण में है।