भिवानी/रोहतक। भिवानी जिले के जुई कलां में रोडवेज बस की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए 55 वर्षीय रोहताश की इलाज के दौरान मौत हो गई है। पिछले कई दिनों से वे रोहतक पीजीआई (PGI) के आईसीयू में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे। इस खबर के बाद से जुई कलां गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सफेद पट्टी पार कर चुके थे, तभी आई काल बनकर बस
बता दें कि यह दर्दनाक हादसा बीती 30 मार्च को हुआ था। मृतक के बेटे अनिल ने बताया कि उसके पिता सड़क पार कर रहे थे और लगभग सफेद पट्टी (जेब्रा क्रॉसिंग लाइन) तक पहुंच चुके थे। तभी तेज रफ्तार में आ रही रोडवेज बस के ड्राइवर ने लापरवाही बरतते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गौरतलब है कि, प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि ड्राइवर ने बस रोकने या बचाने के लिए ब्रेक तक नहीं लगाए।
4 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
दरअसल, रोहताश अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे और पूरे परिवार की धुरी थे। उनके पीछे दो बेटे और दो बेटियां हैं। परिजनों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और रोहताश ही घर के मुख्य सहारा थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने घायल के बयान पर केस दर्ज कर लिया था। अब मौत के बाद अनिल और गांव वालों ने रोडवेज ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
प्रशासन की जांच जारी
मैदानी सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने अब इस मामले में धाराएं बढ़ा दी हैं और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, रोडवेज विभाग के आला अधिकारी भी इस मामले में अपनी आंतरिक जांच की बात कह रहे हैं। घटना के बाद से आरोपी ड्राइवर की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।

