सत्या राजपूत, रायपुर। राजधानी रायपुर में मरीज को लूटने वाले निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मेहरबान हैं। जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रायपुर पर अब तक कार्रवाई नहीं हो पाई है, जबकि सात महीना पहले कार्रवाई के लिए सीएमएचओ कार्यालय ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र भेजा था।
बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने मित्तल हॉस्पिटल में मरीज के इलाज में मनमानी का मामला उठाया था, जिसके बाद जांच कमेटी गठित की गई थी। जांच में आयुष्मान के साथ-साथ अतिरिक्त राशि का लूट प्रमाणित हुआ था। जांच रिपोर्ट के आधार पर हॉस्पिटल को आयुष्मान से निलंबित करने के लिए अनुशंसा किया गया था। बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।


परिजन को करियर बर्बाद करने की धमकी दे चुके हैं डॉक्टर
दरअसल जशपुर निवासी मरीज अलबर्ट एक्का से नगद लगभग तीन लाख रुपए वसूला गया था। इस पर मरीज के परिजनों ने सवाल उठाते हुए कहा कि जांच हो गई, जांच में दोषी पाए गए, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है ? स्वास्थ्य विभाग लुटेरे हॉस्पिटल मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रायपुर पर मेहरबान क्यों है? कहते हैं स्वास्थ्य विभाग में ईमानदार सचिव हैं, क्या उनकी यही ईमानदारी है? हमने अपने परिजन को खोया है, गलत इलाज हुआ ऊपर से वसूली भी हुई। अस्पताल वाले हमें उठाने के लिए गुंडे भेज रहे हैं। हमारे करियर बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। डॉक्टर आशीष मित्तल की पत्नी डॉक्टर सुमन मित्तल करियर खराब करने की धमकी दी है, जिसका रिकॉर्डिंग भी है। फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
कार्रवाई के लिए निर्देशित करता हूं : स्वास्थ्य मंत्री
इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा, आपके माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इस संबंध में तत्काल अधिकारियों से पूछता हूं और उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करता हूं, ताकि पीड़ित को न्याय मिले और दोषी को सजा हो।

