सोहराब आलम, मोतिहारी। लोकसभा हो या विधानसभा हर चुनाव का मुद्दा बिहार का बंद पड़ा चीनी मिल रहा है। हालही में अपनी समृद्धि यात्रा के तहत सीएम नीतीश कुमार जब मोतिहारी पहुंचे थे, तो उन्होंने जिले में बंद पड़े चकिया और मोतिहारी चीनी मिल को चालू करने का घोषणा किया था। अब उस घोषणा पर केंद्र सरकार ने अमल करना शुरू कर दिया है।

निरीक्षण के लिए पहुंची दिल्ली की टीम

इस कड़ी में जिले के बंद पड़े चकिया चीनी मिल को चालू करने के लिए निरीक्षण करने सेंट्रल से NFCSF, नई दिल्ली की टीम
मोतिहारी पहुंची। इस टीम के अधिकारियों ने चकिया स्थित बंद पड़े वैधनाथ सुगर मिल का बारीकी से जांच किया। मिल के रख रखाव से लेकर हर जगह का निरिक्षण किया गया और इसके साथ ही अधिकारियो ने स्थानीय किसानो के खेतों में जाकर उनसे गन्ना के खेती की स्थिति भी जाना। इसके बाद अधिकारी जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल से मिलकर भौतिक स्थिति प्रस्तुत किया।

25 बंद चीनी मिलों को चालू करने की कवायद शुरू

इस तीन सदसियें टीम में सामिल डॉ आर बी डॉले जो नेशनल चीफ के एडवाइजर हैं। उन्होंने बताया कि, प्रदेश में बंद चीनी मिल को चालू करना सरकार के सात निश्चय योजना में शामिल है, जिसके तहत बिहार में बंद लगभग 25 चीनी मिलों को चालू करने की कवायद शुरू कर दिया गया है। इसी को लेकर सेंट्रल से हम लोग आए हैं। उन्होंने बताया कि, चकिया के बंद चीनी मिल का जीर्णोद्धार करने के लिए मिली की स्थिति को देखा गया। साथ ही किसानो से भी बात की गई है। किसानों के मन में काफी खुशी है और वे चाहते हैं कि चीनी मिल चालू हो। वे पूरा समर्थन भी करेंगे।

किसानों से गन्ने की खेती पर जोर

वहीं, जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने भी कहा कि, सेंट्रल से NFCSF की टीम आई है और स्थिति का जायजा लेने का बाद सरकार को डीपीआर रिपोर्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि, चीनी मिल चलाने से पहले किसानों को गन्ने की खेती के लिए तैयार कराया जाएगा। ताकि मिल के चालू होने पर गन्ने की कमी न हो।

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