मुजफ्फरपुर। जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 12 साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले मुख्य आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी के परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मामला और अधिक पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस मौत के असली कारणों की पड़ताल में जुटी है।

​पुलिस की दबिश और आरोपी की मौत

​मामला मिठनपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़िता की मां के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपी की पहचान कच्ची-पक्की थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर निवासी नवीन कुमार के रूप में हुई थी। जब पुलिस की टीम नवीन को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, तो पता चला कि उसकी मृत्यु हो चुकी है और परिजनों ने आनन-फानन में उसका दाह संस्कार भी कर दिया है।

​हार्ट अटैक या कुछ और?

​आरोपी नवीन कुमार के परिजनों और पड़ोसियों का दावा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने से हुई है। हालांकि, पुलिस को बिना बताए शव को जला देने की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पुलिस इस मौत की गहनता से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह प्राकृतिक मृत्यु थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण।

​देह व्यापार का एंगल और गिरफ्तारियां

​इस घिनौने अपराध की जांच के दौरान पुलिस ने शुक्रवार को तीन महिलाओं कोमल कुमारी, सुधा और गुड़िया को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं देह व्यापार के धंधे से जुड़ी हुई थीं। इन्हीं महिलाओं की निशानदेही पर मुख्य आरोपी नवीन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही थी। शनिवार को तीनों आरोपी महिलाओं को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

​पीड़िता की स्थिति

​वहीं दूसरी ओर, 12 वर्षीय पीड़िता का अस्पताल में उपचार जारी है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी स्थिति पर निरंतर निगरानी रख रही है। पुलिस का कहना है कि वे तकनीकी साक्ष्यों और गिरफ्तार महिलाओं से मिली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। परिजनों द्वारा साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार के पहलू को भी कानूनी दायरे में लिया जा रहा है।