आरा। बिहार की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी बढ़ गई है। भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव के लिए एनडीए (NDA) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कन्हैया प्रसाद को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। कन्हैया प्रसाद पूर्व एमएलसी और वर्तमान संदेश विधायक राधाचरण साह के पुत्र हैं। उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद आरा में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।

​राजद बनाम जदयू: कांटे की टक्कर

​इस उपचुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। कन्हैया प्रसाद का सीधा मुकाबला महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार सोनू राय से होगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों तरफ से ताकत झोंकने के कारण यह चुनाव नाक की लड़ाई बन चुका है। कन्हैया प्रसाद के लिए यह चुनाव न केवल अपने पिता की विरासत को बचाने की चुनौती है, बल्कि अपनी राजनीतिक छवि को फिर से स्थापित करने का एक बड़ा अवसर भी है।

​विवादों का साया और राजनीतिक वापसी

​कन्हैया प्रसाद का चयन जितना चर्चा में है, उनका पिछला विवाद भी उतना ही सुर्खियों में रहा है। अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सितंबर 2023 में उन्हें गिरफ्तार किया था। लगभग नौ महीने जेल में बिताने के बाद, मई 2024 में उन्हें जमानत मिली थी। ऐसे में विरोधियों के हमलों के बीच जनता का विश्वास जीतना उनके लिए एक कठिन अग्निपरीक्षा साबित होने वाला है।

​क्यों हो रहा है यह उपचुनाव?

​यह सीट पहले कन्हैया प्रसाद के पिता राधाचरण साह के पास थी, जिनका कार्यकाल 2028 तक निर्धारित था। हालांकि, 2025 के विधानसभा चुनाव में संदेश विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसी रिक्तता को भरने के लिए चुनाव आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की।

​निर्वाचन कार्यक्रम और तैयारियां

​चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रक्रिया का विवरण इस प्रकार है:

  • ​नामांकन की अंतिम तिथि: 23 अप्रैल 2026
  • ​नामांकन पत्रों की जांच: 24 अप्रैल 2026
  • ​नाम वापसी की अंतिम तिथि: 27 अप्रैल 2026
  • ​मतदान की तारीख: 12 मई 2026 (सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक)
  • ​परिणाम की घोषणा: 14 मई 2026

​भोजपुर और बक्सर जिलों के विभिन्न प्रखंडों में कुल 25 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है ताकि मतदान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सके।