पश्चिम बंगाल में चुनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने बांग्लादेशी नागरिकों की धर-पकड़ तेज कर दी है. अकेले जलपाईगुड़ी में ही 10 दिनों में 16 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया है. चुनाव प्रचार के दौरान महज दस दिनों में 16 बांग्लादेशी घुसपैठियों की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. 2025 में कई चरणों में कुल 24 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया था. 2026 में अब तक कई चरणों में 21 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. BJP जीवेश दास ने कहा- पहले कांग्रेस और सीपीएम सत्ता में थीं, और अब तृणमूल. इन तीनों राजनीतिक दलों की उदारता के कारण बंगाल अवैध प्रवासियों का अड्डा बन गया है.

बंगाल चुनाव में घुसपैठिये का मुद्दा भाजपा जोरशोर से उठा रही है. वोटर लिस्ट से करीब एक करोड़ नाम काटे गये हैं, जिनमें से कई लोगों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है. ऐसे में बंगाल चुनाव से पहले दो सप्ताह के अंदर करीब दो दर्जन बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी ने जमकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है.

महीने के आरंभ में ही RPF ने एक सूचना के आधार पर नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन पर छापा मारा था. कुल 14 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बच्चे भी शामिल थे. मैनागुड़ी जीआरपी पुलिस स्टेशन की पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. गिरफ्तार किए गए लोगों को अदालत में पेश किया गया है. वे काम की तलाश में दिल्ली होते हुए कश्मीर जा रहे थे.

जलपाईगुड़ी कोतवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत पिछले दिनों मानिकगंज चौकी क्षेत्र में रात के अंधेरे में दो लोगों को संदिग्ध रूप से घूमते देखा गया. स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि वे बांग्लादेशी नागरिक थे.

बांग्लादेश मामलों पर CPM के राज्य सचिवालय के सदस्य जियाउल आलम ने कहा- यह संख्या करोड़ों बांग्लादेशियों के बारे में जिस तरह से शोर-शराबे के साथ बात की गई, उसकी तुलना में नगण्य है, लेकिन घुसपैठ क्यों हुई. सीमा पर BSF क्या कर रही थी.

कांग्रेस जिला समिति के सदस्य नबेंदु मूलिक ने केंद्र और राज्य दोनों को दोषी ठहराया. उन्होंने कहा- एक तरफ तो राज्य सरकार कांटेदार तार की बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा रही है. दूसरी तरफ केंद्र सरकार के अधीन BSF सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं है.

TMC के जिला प्रवक्ता सुभंकर मिश्रा ने कहा- CPM शासन के दौरान ही घुसपैठ की समस्या शुरू हुई थी. 2014 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से घुसपैठ की समस्या और बढ़ गई है. BSF सीमा पर निगरानी रखती है. वे क्या कर रहे हैं. गिरफ्तार किए गए अधिकतर बांग्लादेशियों को राज्य पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

BJP जिला समिति सदस्य जीवेश दास ने कहा- पहले कांग्रेस और सीपीएम सत्ता में थीं, और अब तृणमूल. इन तीनों राजनीतिक दलों की उदारता के कारण बंगाल अवैध प्रवासियों का अड्डा बन गया है.

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