राजधानी दिल्ली में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। उपराज्यपाल (LG) के निर्देशों के बाद ‘प्रोजेक्ट संगम’ के तहत ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक संगठित और प्रभावी बनाने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य राजधानी की सड़कों पर यातायात को सुचारू बनाना और जाम की समस्या को कम करना है। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर सुझाव एकत्र किए जा रहे हैं और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है।

ट्रैफिक पुलिस की इस पहल में अलग-अलग इलाकों में नियमित बैठकों का आयोजन किया जा रहा है, जहां स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर मौजूद वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके व्यावहारिक समाधान तैयार करना है। अधिकारियों का मानना है कि सिर्फ नियम लागू करने से ट्रैफिक की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकती, इसलिए स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई जा रही है।

राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट संगम के तहत अब सख्त कदम भी उठाए जा रहे हैं। स्थानीय बैठकों से मिले सुझावों के आधार पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने बड़ी संख्या में ई-चालान जारी किए हैं और कई जगहों पर टोंइंग की कार्रवाई भी की जा रही है। इसका उद्देश्य सड़कों पर अनुशासन बढ़ाना और जाम की समस्या को कम करना है।

इसके साथ ही, सड़कों के डिजाइन में सुधार, नए साइन बोर्ड लगाने, फुट ओवरब्रिज बनाने और अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर करने के लिए संबंधित एजेंसियों को प्रस्ताव भेजे गए हैं, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कई इलाकों में ई-रिक्शा स्टैंड की अव्यवस्थित स्थिति को जाम की बड़ी वजह माना गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए स्टैंड को शिफ्ट करने, अवैध पार्किंग हटाने और ट्रैफिक को सुचारु बनाने के उपाय सुझाए गए हैं।

अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बढ़ा

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट संगम के तहत अब विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल में ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। संयुक्त बैठकों में सभी एजेंसियां मिलकर समस्याओं पर चर्चा कर रही हैं और उनका व्यावहारिक समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, ताकि किसी भी कार्य में देरी न हो।

इस पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सभी सुझावों और उनकी प्रगति को एक डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जा रहा है। इससे हर समस्या की निगरानी संभव हो सकेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी मामला लंबित न रहे। इस पहल के तहत शहर के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे बाजार, रिहायशी कॉलोनियां और मुख्य सड़कें को शामिल किया गया है। यहां नियमित बैठकों और फील्ड कार्रवाई के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

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