राजकुमार दुबे, भानुप्रतापपुर। आरी डोंगरी लौह खदान में मलबा धसकने की घटना के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे कांकेर सांसद भोजराज नाग के खदान प्रबंधन को कहे गए अपशब्द मजदूरों को इस कदर नागवार गुजरे कि उन्होंने आज खदान में उत्पादन ही ठप कर दिया. यही नहीं सांसद नाग ने जिन अधिकारी को अपशब्द कहे थे, उनका सम्मान कर ग्रामीणों ने सांसद को आइना दिखाने का काम किया.

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भानुप्रतापपुर क्षेत्र में दो दिनों से माहौल थोड़ा गरमाया हुआ है. वजह है कांकेर सांसद भोजराज नाग के खदान प्रबंधन के लिए कहे गए अपशब्द, जिसको लेकर खदान में काम करने वाले मजदूरों से लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा साफ नजर आ रहा है.

आज इसी मुद्दे को लेकर ग्राम पर्रेकोडो में एक बड़ी सभा रखी गई, जिसमें करीब 1000 से ज्यादा ग्रामीण जुटे. सभा में ट्रांसपोर्टर एवं खदान के मजदूर भी शामिल हुए. लोगों ने खुलकर अपनी बात रखते हुए साफ कहा कि जनप्रतिनिधि को हमेशा अपनी मर्यादा में रहना चाहिए, खासकर जब वो सार्वजनिक मंच पर बोल रहे हों. ग्रामीणों ने कहा कि इस खदान शुरू होने से इलाके का विकास हुआ है. आदिवासियों को रोजगार मिला है, उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.

अधिकारी का किया सम्मान

यही नहीं केवल सांसद के व्यवहार की ग्रामीणों ने आलोचना नहीं की, बल्कि सांसद ने जिन अधिकारी बीपी पाही को अपशब्द कहे थे, ग्रामीणों ने उन्हीं का सार्वजनिक रूप से सम्मान कर अपने ही तरीके से विरोध व्यक्त कर दिया. अब लोग देख रहे हैं कि भाजपा का आलाकमान सांसद के इस व्यवहार पर क्या रुख अपनाता है.

जनप्रतिनिधि होने की वजह से बंधे हाथ

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है, जब सांसद भोजराज नाग गलत वजह से सुर्खियों में हों. इसके पहले भी वे सार्वजनिक तौर पर अधिकारियों-ठेकेदारों को अपशब्द कह चुके हैं. लेकिन सांसद होने के कारण लोग शिकायत लेकर पुलिस-प्रशासन तक नहीं जाते और पुलिस-प्रशासन भी इसी की आड़ में कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाती. लेकिन ताजा घटनाक्रम से लग रहा है कि अब लोगों का गुस्सा बाहर निकलने लगा है.

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