सत्या राजपूत, रायपुर। छत्तीसगढ़ में फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड दवाओं के वितरण पर CGMSC ने रोक लगा दी है। दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच पूरी होने तक राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई दवाओं को वापस मंगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह दवाएं Cipco फार्मास्युटिकल्स द्वारा सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की गई थीं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए सभी अस्पतालों को स्टॉक तुरंत वेयरहाउस में जमा करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर और दाऊ कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सिविल सर्जन और सभी चिकित्सा प्रभारियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (CGMSCL) के ड्रग वेयरहाउस रायपुर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। रायपुर और बलौदाबाजार जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष रूप से दवा वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल दवाओं की गुणवत्ता की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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