नारनौल। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाते हुए नारनौल में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) प्रमोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए। मंत्री की इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा कर रही थीं। बैठक के दौरान पंचायत एवं विकास कार्यों में अनियमितताओं और लापरवाही की शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई।

बैठक में देरी से पहुंचना पड़ा भारी

जानकारी के अनुसार मंत्री द्वारा बुलाई गई महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद डीडीपीओ प्रमोद कुमार निर्धारित समय पर बैठक में नहीं पहुंचे। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही और समय की पाबंदी का पालन नहीं करने को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने तत्काल निलंबन की कार्रवाई कर दी।

अधिकारियों को दिया सख्त संदेश

मंत्री की इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि सरकार की प्राथमिकताओं और जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर की कोताही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी

समीक्षा बैठक में स्थानीय विधायक ओमप्रकाश यादव, उपायुक्त सहित जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई।

स्वास्थ्य मंत्री के इस सख्त कदम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में जवाबदेही और समयबद्ध कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।