Rajasthan News: देशभर में जहां दशहरे पर रावण का पुतला जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मनाया जाता है, वहीं राजस्थान के राजसमंद जिले में परंपरा बिल्कुल अलग है। राजस्थान के राजसमंद जिले के गढबोर स्थित चारभुजा नाथ मंदिर में इस बार भी दशहरे का पर्व अनोखे अंदाज में मनाया गया। यहां 5000 साल पुरानी परंपरा निभाते हुए रावण का दहन नहीं किया गया, बल्कि पत्थरों से बने पुतले को गोलियों से छलनी कर उसका वध किया गया।

दोपहर 4 बजे मंदिर परिसर में आरती के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद ठाकुर जी की शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच कस्बे के इमली चौक बालाजी मंदिर पहुंची। वहां विधिविधान से शस्त्र पूजन किया गया।
पूजन के बाद शोभायात्रा सुनसान स्थान पर पहुंची, जहां पत्थरों से बना रावण का पुतला स्थापित किया गया था। मंदिर के सुरक्षाकर्मियों ने बंदूक से रावण की नाभि में रखे कलश पर निशाना साधा और गोली लगते ही माहौल गूंज उठा। इसके बाद स्थानीय युवाओं ने पत्थरों से पुतले पर प्रहार कर परंपरा पूरी की।
इस अनोखे रावण वध को देखने के लिए आसपास के गांवों और दूर-दराज़ से हजारों लोग जुटे। जैसे ही गोली चली, जयकारों और तालियों से पूरा मैदान गूंज उठा। महिलाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह दिखा।
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