पटना। बिहार के चिड़ियाघरों में इन दिनों बड़े बदलाव और गर्मी से निपटने की तैयारियां जोरों पर हैं। पटना और राजगीर के बीच वन्यजीवों की अदला-बदली से लेकर उनके खान-पान में व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। पटना जू की शेरनी ‘पार्वती’ अब राजगीर सफारी के खुले माहौल में दहाड़ेगी। पिंजरे की बंदिशों से निकलकर अब वह प्राकृतिक वातावरण में रहेगी, जहां वह खुद शिकार भी कर सकेगी। राजगीर सफारी का विस्तृत इलाका जानवरों को जंगल जैसा अहसास देता है, जिससे उनके व्यवहार में निखार आता है।
पटना जू में सीता-गीता का आगमन
एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राजगीर से दो नन्ही शेरनी बहनें, सीता और गीता पटना जू लाई गई हैं। फिलहाल इन्हें 30 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखा गया है। लगभग एक साल की इन शेरनियों को रोजाना 23 किलो मांस के साथ विटामिन और मिनरल्स दिए जा रहे हैं। सुबह धूप और एक्सरसाइज के बाद शाम को इन्हें नाइट हाउस में शिफ्ट किया जाता है। मार्च के अंत तक पर्यटक इन्हें देख सकेंगे।
गर्मी से बचाव और डाइट चार्ट में बदलाव
बढ़ते तापमान को देखते हुए जानवरों के भोजन में बदलाव शुरू हो गया है। मांस की मात्रा कम की जा रही है और हाइड्रेशन पर जोर है। चिम्पांजी को नारियल पानी दिया जाएगा, जबकि शेर और बाघों को ठंडक देने के लिए बाड़ों में बर्फ के टुकड़े रखे जाएंगे। पटना जू में वर्तमान में कुल 6 बाघ (3 नर और 3 मादा) मौजूद हैं, जिनकी सेहत पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
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