कुंदन कुमार, पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर इन दिनों सियासी माहौल गर्म है। प्रदेश में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 6 उम्मीदवार मैदान में है। इसी क्रम में आज मंगलवार (10 मार्च) को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन के विधायकों की एक बैठक बुलाई गई है।

हमारे कैंडिडेट की होगी जीत- राजद विधायक

बैठक को लेकर राजद के विधायक रणविजय साहू ने कहा कि, राज्यसभा का चुनाव 16 मार्च को होना है और हम लोगों ने भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है। इसको लेकर हम लोगों की बैठक है। हमें उम्मीद है कि हमारा कैंडिडेट जीतेगा। उन्होंने कहा कि, लालू जी के विचारधारा को कर्पूरी जी के विचार धारा को मानने वाले, जो लोग हैं। वो हमारे साथ आएंगे।

वहीं, जब उनसे यह सवाल किया गया कि राज्यसभा चुनाव की सीट जीतने के लिए आपके पास पर्याप्त विधायकों की संख्या नहीं है। एआईएमआईएम भी आपका साथ नहीं दे रही है। इसपर राजद विधायक ने कहा कि, सब ठीक होगा। हमारे विचारधारा के साथ लोग आएंगे और हमारा उम्मीदवार अजय धारी सिंह जीतेंगे।

41 विधायकों का समर्थन जरूरी

बता दें कि राज्य में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, शिवेश कुमार, जदयू से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर मैदान में हैं। वहीं, एक सीट पर एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीदवार बनाया गया है। जबकि राजद से अजय धारी सिंह मैदान में हैं।

राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए करीब 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है। ऐसे में एनडीए को चार सीटें आसानी से मिलती दिख रही हैं, जबकि महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक होने से उसकी राह मुश्किल नजर आ रही है। ऐसे में यदि महागठबंधन का समर्थन AIMIM करती है, तो राज्यसभा की एक सीट उसके खाते में आ सकती है।

विधानसभा की मौजूदा संख्या की बात करे तो भाजपा के 89, जदयू के 85 और लोजपा (रामविलास) के 19 विधायक हैं। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा की आएलएम के पास महज 4 विधायक हैं। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान एआईएमआईएम का रुख किस दिशा में जाता है।

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