Iran and US-Israel War: अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 13वां दिन हैं। ईरान ने अमेरिका-इजराइल के सामने हार मानने से इनकार करते हुए पूरे खाड़ी देशों पर हमले कर रहा है। युद्ध के कारण मध्य पूर्व और वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हो रहा है। अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (masoud pezeshkian) ने युद्ध खत्म करने के लिए तीन बड़ी शर्तें अमेरिका और इजराइल के सामने रखी है। तीन मुख्य शर्तों में वैध अधिकारों की मान्यता, हर्जाना और भविष्य के हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी। उन्होंने कहा कि ईरान के अधिकारों की मान्यता, युद्ध के लिए मुआवजा और भविष्य में हमलों के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिलने पर ही संघर्ष समाप्त हो सकता है। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय शांति के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराया है।

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और पाबंदियों की वजह से तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और वैश्विक बाजारों में महंगाई की आशंका गहरा गई है। इसके कारण पाकिस्तान-रूस ईरान को मनाने में लग गए हैं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि युद्ध खत्म करने का एकमात्र रास्ता यह है कि ईरान के “वैध अधिकारों” को स्वीकार किया जाए, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। उनका कहना है कि अगर इन तीनों शर्तों को मान लिया जाता है तो तेहरान जंग समाप्त करने के लिए तैयार है। पेजेशकियन ने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिया। उन्होंने लिखा, “रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते हुए, मैंने इस इलाके में शांति के लिए ईरान के वादे को फिर से पक्का किया। जायोनी शासन और US की वजह से शुरू हुई इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को पहचानने, हर्जाना देने और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देने पर टिका है।

अब जंग रोकने की कवायद शुरू?

पेजेशकियन की इस पोस्ट से संकेत मिले है कि ईरान से अच्छे संबंध वाले देश, जंग रुकवाने के लिए डिप्लोमेटिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं। पेजेशकियान ने साफ किया गया कि उनके देश पर ये युद्ध अमेरिका-इजराइल पर थोपा गया है। पाकिस्तान-रूस ने जंग रोकने की कोशिश ऐसे समय पर शुरू की जब ट्रंप ने ऐलान किया है कि हम जंग जीत गए हैं, हालांकि पर्शियन गल्फ में ईरान के हमले और तेज हो गए हैं।

मिडिल ईस्ट की जंग के 10 बड़े अपडेटः-

1– US-इजरायल के हमले में मारे गए खामेनेई

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी, 2026 को  ईरान के कई सैन्य और नेतृत्व ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले शुरू कर दिए, जिसकी वजह से मिडिल ईस्ट में जंग जैसे हालात बन गए।

2- मिडिल ईस्ट में मरने वालों का आंकड़ा 1700 के पार

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब तक 1700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। जबकि लोग हजारों घायल हैं। ईरान और इजरायल लगातार एक दूसरे के सैन्य ठिकानों के साथ नागरिकों की आबादी वाले इलाकों को भी निशाना बना रहे हैं। अकेले ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है।

3- ईरान ने खाड़ी देशों में दागीं मिसाइलें

अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने जवाबी हमले में खाड़ी देशों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। ईरान द्वारा किए गए हमलों में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। तेहरान की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अगर उस पर हमला होगा तो वो खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेसों को टारगेट करेगा। ईरान द्वारा किए कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई।

4- अमेरिका ने ईरान के IRIS डेना को डुबोया

हिंद महासागर में अमेरिकी पनडुब्बी ने 4 मार्च, 2026 को ईरानी युद्धपोत ‘IRIS डेना’ को टॉरपीडो से डुबो दिया। श्रीलंका ने IRIS  डेना से 32 लोगों का रेस्क्यू किया। अमेरिका के इस हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए। इस जहाज पर हमला भारत से लौटते समय किया गया था। ईरान ने इस हमले को ‘समुद्र में युद्ध अपराध’ बताया और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा।

5- ईरानी राष्ट्रपति ने मांगी माफी तो ट्रंप ने भड़काया

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों में हमले को लेकर पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर उन देशों से दुश्मन की सेना अटैक नहीं करेगी तो वो भी वहां हमला नहीं करेंगे। उनके सॉरी बोलने को यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने हथियार डालना बताया। उन्होंने कहा कि दुश्मन ने अपनी हार मान ली है। हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने फिर से खाड़ी देशों पर हमला शुरू कर दिया। पेजेशकियान ने कहा कि दुश्मन ने उनके माफी मांगने का गलत मतलब निकाला।

6- मुज्तबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर

ईरान की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ने 9 मार्च को 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना। मुज्तबा को कट्टरपंथी माना जाता है और वे लंबे समय से रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के साथ मिलकर काम कर रहे थे। हालांकि उनके नाम के ऐलान के बाद यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह चयन उन्हें मंजूर नहीं है और दावा किया कि नया नेता शांति से नहीं रह पाएगा।

7- ईरानी राष्ट्रपति ने रखीं सीजफायर की शर्त

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका-इजरायल के सामने तीन शर्तें रखी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘जायोनी शासन और अमेरिका की वजह से शुरू हुई इस लड़ाई को खत्म करने का एकमात्र तरीका ईरान के कानूनी अधिकारों को पहचानने, हर्जाना देने और भविष्य में हमले के खिलाफ पक्की अंतरराष्ट्रीय गारंटी देने पर टिका है। उन्होंने कहा कि जब तक इन मुद्दों पर समझौता नहीं होता, तब तक यह युद्ध खत्म करना संभव नहीं होगा।

8- ट्रंप का दावा- बिना शर्त सीजफायर होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार दावा कर रहे हैं कि ईरान बिना किसी शर्त के सीजफायर करेगा। हालांकि ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। वो लगातार इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है।

9- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनिया में तेल संकट

अमेरिका और इजरायल ने जब ईरान पर हमला किया तो उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान कर दिया, जिसकी वजह से दुनिया में तेल संकट पैदा हो गया है। दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी मार्ग से होती है। ईरान ने ऐलान कर दिया कि अगर इस समुद्री रास्ते से कोई भी जहाज निकला तो हमारी सेना उसको तबाह कर देगी।

10- मिडिल ईस्ट जंग से पाकिस्तान में तेल का संकट

मिडिल ईस्ट की जंग ने पाकिस्तान में गंभीर तेल संकट पैदा कर दिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ऐलान किया है कि सरकारी दफ्तरों में अब सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही काम होगा। साथ ही आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। स्कूलों में दो हफ्ते के लिए छुट्टियां कर दी गई हैं। एम्बुलेंस को छोड़कर, सरकारी गाड़ियों के लिए मिलने वाला ईंधन भत्ता अगले दो महीनों के लिए 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है।

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