देहरादून. विदेशी भाषाएं सीखकर विभिन्न देशों में नौकरी करने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को धामी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के अंतर्गत वर्तमान में सिर्फ एक सेंटर है. यह सेंटर वर्ष 2023 से देहरादून में संचालित है. अल्मोड़ा में सेंटर खुलने के बाद इस तरह के सेंटरों की प्रदेश में संख्या दो हो जाएगी.

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राज्य सरकार ने वर्ष 2023 से मुख्यमंत्री कौशल उन्ययन एवं वैश्विक रोजगार योजना को शुरू किया है. इसके अंतर्गत देहरादून में पहला लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जिसमें विभिन्न भाषाओं का बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यहीं से उनकी नौकरी की व्यवस्था की जा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि इन सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए. ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके.

विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सरकार की ओर से अल्मोड़ा में लैंग्वेज ट्रेनिंग सेंटर खोलने की घोषणा की. मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना योजना में ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी गंभीर है. यही वजह है कि इस योजना में ट्रेनिंग का जो बजट सिर्फ ₹ 75 लाख का था, उसे इस बार ₹3.3 करोड़ कर दिया गया है. कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच के चलते अब और ज्यादा बच्चों को ट्रेनिंग का लाभ मिल पाएगा.

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योजना के तहत 147 बच्चों को अभी तक विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिया गया है. 92 बच्चों की विभिन्न देशों में नौकरी लग चुकी है. सेंटर में बच्चों को 8 से 10 माह का प्रशिक्षण दिया जाता है. यहां 16 अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है. 10 और बच्चों के लिए सऊदी अरब में नौकरी के प्रस्ताव आए हैं.

सदन में कौशल विकास मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के बीच राज्य सरकार उन लोगों की भी पूरी चिंता कर रही है, जिन्हें इस योजना के माध्यम से विदेशों में नौकरी मिली है. सऊदी अरब में सेवारत लोगों से बात हुई है और वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं.