मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को वीर भूमि चित्तौड़गढ़, राजस्थान में आयोजित विशाल जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल हुए. जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि राजस्थान की इस वीर भूमि ने भारत को पहचान दी है, ये चित्तौड़गढ़ का किला केवल पत्थरों से बना हुआ दुर्ग नहीं, भारत की अस्मिता का प्रहरी है. उन्होंने जौहर का जिक्र करते हुए कहा कि ‘जौहर’ नारी गरिमा, नारी गौरव का श्रेष्ठतम उदाहरण था.

योगी ने कहा कि भारत के अंदर उत्तर, दक्षिण, पूरब, पश्चिम सर्वत्र महाराणा प्रताप के बारे में, महाराणा सांगा, महारानी पद्ममिनी, महाराणा कुंबा और बप्पा रावल से प्रारंभ हुई इस परंपरा को हर भारतीय नमन करता है. राष्ट्र के प्रति जो भी योगदान देता है वो लंबे समय तक स्मरण रहता है. हम आज इतिहास को स्मरण नहीं कर रहे हैं बल्कि इतिहास बनाने वाली धरती का साक्षात्कार कर रहे हैं. इतिहास कैसे बनाया जाता है, त्याग और बलिदान की परिपार्टी क्या होती है, ये चित्तौड़गढ़ का दुर्ग उसका प्रतीक है.

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सीएम योगी ने कहा कि जो तीन बड़े जौहर यहां देखने को मिले हैं, भारत का इतिहास जिन वीरांगनाओं के जौहर से भरा पड़ा है. जब महाराणा रतन सिंह धोखे से जब वीरगति को प्राप्त हुए, अलाउद्दीन खिलजी ने धोखा देकर युद्ध जीता. तब महारानी पद्मिनी के नेतृत्व में कई वीरांगनाओं ने जौहर किया. याद करिए ये धरती माता जिसके बारे में कहते हैं जब सीता माता को अंतिम समय में श्रीराम के मिलने की बात सामने आई, तो धरती के सामने माता सीता ने संकल्प लिया कि यदि मेरा सतित्व सत्य है तो धरती माता मुझे अपनी गोद में स्थान दे. महारानी पद्मिनी का भी यही संकल्प था. वो प्रेरणा आज भी हम सभी को लगातार झकझोर रही है.