शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनभोगियों के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने से साफ इनकार कर दिया है। 

READ MORE: भोजशाला मामले में सुनवाई आज: हाईकोर्ट में विस्तार से होगी बातचीत, ASI सर्वे रिपोर्ट पर दावे-आपत्तियों पर होगी बहस

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा है कि फिलहाल NSAP पेंशन राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह फैसला तब आया है जब नीति आयोग और कई मूल्यांकन अध्ययनों ने स्पष्ट सिफारिश की थी कि सहायता राशि बढ़ाई जाए और भुगतान व्यवस्था को मजबूत किया जाए।

आंकड़ों से समझे पूरी स्थिति 

  • मध्य प्रदेश में NSAP के तहत कुल 22.5 लाख से अधिक लाभार्थी हैं।
  • इनमें 1,01,470 दिव्यांग लाभार्थी शामिल हैं।
  • दिव्यांग पेंशन वितरण में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • वर्तमान में बुजुर्गों और दिव्यांगों को केंद्र से 600 रुपये मासिक पेंशन मिलती है। 
  • चालू वित्तीय वर्ष (31 जनवरी 2026 तक) में केंद्र ने मध्य प्रदेश को 889.77 करोड़ रुपये जारी किए, जो उत्तर प्रदेश (813.48 करोड़) और बिहार (691.80 करोड़) से भी अधिक है।
  •   60 से 79 वर्ष की आयु वर्ग में केंद्र सरकार 200 रुपए, जबकि मध्य प्रदेश सरकार 400 रुपए मिलता है। 
  • 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र पर केंद्र 500 रुपए देता है, जबकि राज्य 100 रुपए मिलाता है। 
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन 40 से 79 वर्ष की गरीबी रेखा की श्रेणी में मिलती है। 
  • केंद्र सरकार 300 रुपए और राज्य सरकार 300 रुपए मिलता है। 
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन 18 से 80 तक मिलती है। 
  • केंद्र सरकार 300 रुपए और राज्य सरकार से 300 रुपए मिलता है। 
  • 80 वर्ष के बाद केंद्र 500 रुपए और राज्य का हिस्सा 100 रुपए हो जाता है।   

READ MORE: बोर्ड परीक्षा से जुड़ी खबर: 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम का 70% मूल्यांकन पूरा, इस दिन तक आ सकता है रिजल्ट

नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि पेंशन राशि को कम से कम 1000-1200 रुपये तक बढ़ाने से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन आसान होगा, लेकिन केंद्र ने इसे खारिज कर दिया। बढ़ती महंगाई के बीच यह राशि अब भी कई परिवारों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए नाकाफी है। कई लाभार्थी राज्य सरकार की अतिरिक्त मदद पर निर्भर हैं, लेकिन केंद्र की ओर से कोई राहत नहीं मिली।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m