तेल और गैस के संकट पर इजरायली राजदूत रेउवेन अजार ने कहा है कि ये समस्या छोटी है, हमने दुनिया को बड़े संकट से बचाया है. ईरान पश्चिम एशिया को बर्बाद कर देता. अमेरिका और इजरायल के हमलों की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान किया था. हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अब साफ किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, सिर्फ ‘दुश्मनों और उनके सहयोगियों’ के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया है.
ईरान की ताकत पर इजरायली राजदूत रेउवेन अजार ने कहा कि अभी ईरान रोज करीब 10 मिसाइलें दाग रहा है. हमें यकीन है कि यह संख्या और कम होगी.
इजरायली राजदूत रेउवेन अजार ने बताया कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की मिसाइल क्षमता को तबाह करने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया. अमेरिका ने पहले कूटनीति की कोशिश की लेकिन ईरान नहीं माना. उन्होंने कहा कि ईरानी शासन अब तक चार मिडिल ईस्ट देशों की राजधानियों को कंट्रोल कर चुका था.
ईरानी राष्ट्रपति के बयान पर उन्होंने कहा कि ईरान अभी शर्तें लगाने की हालत में नहीं है. ईरानी राष्ट्रपति की बातें जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं. वह कहते हैं कि पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेंगे लेकिन हमले हो रहे हैं.
ईरान ज्यादा मिसाइलें दाग रहा है. यहां तक कि क्लस्टर बम वाली मिसाइलें भी. उन्होंने कहा कि सायरन ज्यादा बज रहे हैं क्योंकि इन मिसाइलों को रोकने के लिए ज्यादा काउंटर-मिसाइल चलानी पड़ती हैं. अब तक 13 इजरायली नागरिकों की जान गई है और कुछ घायल हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ईरान पश्चिम एशिया को बर्बाद कर देता. तो आज जो भी समस्या आ रही है, वो उस संकट से छोटी है जिससे हम बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
रेउवेन अजार ने कहा कि न तो इजरायल और न ही अमेरिका कोई भी ईरान पर जमीनी हमला नहीं करना चाहता हैं. ईरान का एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी भी सुरक्षित है. हमने ईरान की टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया हैं. दुबई स्टॉक एक्सचेंज कोई सैन्य ठिकाना नहीं है, तो उसे निशाना बनाने का क्या मतलब था? जंग तभी रुकेगी जब ईरान अपना रास्ता बदले. उन्होंने कहा कि 2027 तक ईरान ने खुद हमला करने का प्लान तैयार कर रखा था. हम इस हालात में जो सही है, वो कर रहे हैं.
रेउवेन अजार ने कहा कि जून 2025 के बाद ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग करने के बजाय जमीन के नीचे जाकर परमाणु और मिसाइल क्षमता बढ़ाई इसीलिए यह कार्रवाई जरूरी हो गई.
इजरायली राजदूत ने कहा, मिस्र, जॉर्डन और अब्राहम अकॉर्ड वाले देशों से हमने रिश्ते बनाए, लेकिन ईरान से बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गए, 30 साल तक कोशिश की. तभी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी.
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