अतीश दीपंकर/ भागलपुर/ कहलगांव। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को समेटे भागलपुर जिले के कहलगांव शहर स्थित गांगुली पार्क (विक्रमशिला बिहार) में आयोजित तीन दिवसीय बिहार दिवस समारोह का भव्य समापन हो गया। कहलगांव अनुमंडल प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित इस त्रैयदिवसीय उत्सव ने क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास और जीवंत संस्कृति को एक नया मंच प्रदान किया। समापन समारोह के बाद यह आयोजन जनमानस के बीच अपनी अमिट और खट्टी-मीठी यादें छोड़ गया।
दुल्हन की तरह सजा रहा शहर
बिहार दिवस के इस विशेष अवसर पर गांगुली पार्क सहित शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल दिखा। आयोजन स्थल पर बिहार सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहां आम जनमानस ने सरकार की योजनाओं और बिहार की प्रगति की झलक देखी।
छात्र-छात्राओं और कलाकारों ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में क्षेत्र के प्रतिष्ठित विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसमें मुख्य रूप से सरसहाय बालिका विद्यालय, महालक्ष्मी कन्या पाठशाला, अंतीचक स्कूल, शारदा पाठशाला और गणपति सिंह स्कूल के विद्यार्थी शामिल रहे। बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए लोक नृत्य और गीतों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय कलाकारों में विनोद चौबे और डॉ. रोजी निक्की की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
सम्मान और प्रोत्साहन के साथ विदाई
कार्यक्रम के अंतिम दिन मंगलवार की शाम को एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और शील्ड देकर उनकी हौसला अफजाई की गई। इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कहलगांव अनुमंडल के एएसओ (ASO) शशि शेखर केसरी को भी मुख्य अतिथियों द्वारा शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अंत में, कहलगांव अनुमंडल प्रशासन ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए स्थानीय जनता, कलाकारों और स्वयंसेवकों का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
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