सुप्रिया पांडेय, रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व, माल लदान, यात्री सुविधाओं और तकनीकी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इन उपलब्धियों की जानकारी मीडिया से साझा की। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।

उन्होंने बताया कि इस दौरान रेलवे ने आधारभूत संरचना के विकास, नई रेल लाइनों के निर्माण, चौथी लाइन परियोजनाओं में प्रगति और अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशनों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया। साथ ही यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई नई पहलें भी की गईं।

देखिये उपलब्धियां

वित्तीय वर्ष 2025–26 में रायपुर मंडल ने राजस्व, संरक्षा, तकनीकी नवाचार एवं यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारतीय रेल में एक आदर्श मंडल के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 3.87 प्रतिशत (लगभग 4 प्रतिशत) की वृद्धि हासिल की है और 46.44 मिलियन टन लदान कर 4983 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में रायपुर मंडल को 46.33 मिलियन टन लदान का लक्ष्य दिया गया था।

रायपुर मंडल ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 44.73 मिलियन टन लदान कर 4818 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया था।

इस उपलब्धि के पीछे आधुनिक लोडिंग अवसंरचना, ग्राहक-केंद्रित नीतियां, डिजिटल पहल तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। रायपुर रेल मंडल द्वारा कोयला, स्टील प्लांट के लिए रॉ मटेरियल, पिग आयरन, फिनिश्ड स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, फूड ग्रेन, फर्टिलाइजर आदि का माल लदान किया गया है।

रायपुर मंडल नए अवसर बनाने में सफल रहा है, साथ ही भारतीय रेल के प्रमुख शीर्ष मंडलों में 9वें स्थान पर रहा है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान रायपुर मंडल ने माल यातायात के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को सर्वोपरि रखा है। त्योहारों, छुट्टियों एवं विशेष अवसरों पर अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को अधिकाधिक आरक्षित बर्थ एवं सीट उपलब्ध कराने हेतु 195 ट्रिप के लिए 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का सफलतापूर्वक परिचालन किया गया तथा 12 भारत गौरव ट्रेनों का भी संचालन किया गया। इसके अलावा विभिन्न श्रेणी के 60 अतिरिक्त कोच ट्रेनों में जोड़े गए।

यात्री यातायात, माल ढुलाई, विविध आय, गैर-किराया राजस्व, पार्किंग आय तथा खानपान से होने वाली आय में वृद्धि दर्ज की गई है।

यात्री यातायात एवं राजस्व

26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। यात्री यातायात से 631.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वाणिज्य विभाग ने यात्री संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 7.30% वृद्धि दर्ज की है, वहीं यात्री राजस्व में 3.85% की वृद्धि हुई है।

विविध आय (Sundry): वाणिज्य विभाग ने कुल 25.18 करोड़ रुपये की विविध आय अर्जित की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18.27% अधिक है।

गैर-किराया राजस्व (NFR): 17.10 करोड़ रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.35% अधिक है।

खानपान आय: 3.22 करोड़ रुपये, जो पिछले वर्ष की तुलना में 75% अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में रायपुर मंडल ने टिकट चेकिंग के 1,97,873 केस दर्ज किए, जिनसे 11.13 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

पार्किंग आय 3.44 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7.84% अधिक है। मंडल ने इस वर्ष भी पार्किंग आय का लक्ष्य पार किया।

पार्सल से 7.44 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.06% अधिक है।

वाणिज्य विभाग ने कुल 5663.65 करोड़ रुपये की आय अर्जित की, जबकि पिछले वर्ष यह 5463.23 करोड़ रुपये थी। इस प्रकार 3.67% वृद्धि दर्ज की गई।

रायपुर मंडल ने यात्री सुविधाओं के विस्तार हेतु 68 अनुबंध दिए, जिनमें 23 नए हैं।

प्लान हेड 53 के तहत यात्री सुविधाओं के 26 नए कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्य उपलब्धियां

रेल मदद: रायपुर मंडल में रेल मदद के माध्यम से 17,943 यात्रियों ने सहायता मांगी। इनमें बेडरोल, कोच क्लीनिंग, कोच मेंटेनेंस, दिव्यांग सुविधा, इलेक्ट्रिक उपकरण, महिलाओं की सहायता, चिकित्सा सुविधा, टिकट रिफंड और पानी जैसी समस्याएं शामिल रहीं।
वाणिज्य विभाग से 3845 केस प्राप्त हुए, जबकि पिछले वर्ष 3931 केस थे। इसमें 2.19% की कमी आई, जो यात्रियों के संतोष का संकेत है।
सहायता से जुड़े 1386 केस में 32% वृद्धि हुई।
एक्सीलेंट रेटिंग 1373 मामलों में प्राप्त हुई, जिसमें 27.60% वृद्धि हुई।
सैटिस्फैक्टरी रेटिंग 318 मामलों में प्राप्त हुई, जिसमें 14.18% वृद्धि हुई।
अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में 70वां अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को रेल मदद शील्ड प्राप्त हुई। इसमें अवधेश कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका रही।
नॉन-एसी स्लीपर कोचों में सैनिटाइज्ड बेडरोल सुविधा शुरू की जाएगी।
आरएसडी गोदाम को पट्टे पर देकर राजस्व में वृद्धि की गई।
बाइक एवं पार्सल पैकिंग सेवा शुरू की गई।
हेल्थ बेस लाउंज की स्थापना की गई।
वंदे भारत एवं हमसफर ट्रेनों में विज्ञापन से राजस्व बढ़ाया गया।
आपातकालीन चिकित्सा कक्ष एवं फोटोकॉपी सुविधा शुरू की गई।
दुर्ग स्टेशन पर पार्सल स्कैनर लगाया गया।

टिकटिंग एवं डिजिटल सुविधाएं

  • PRS/UTS, JTBS, STBA की स्थापना
  • M-UTS मशीनें स्थापित
  • YTSK: 3 केंद्र (रायपुर एवं भिलाई)
  • 16 स्टेशनों पर STBA सुविधा
  • 12 स्टेशनों पर 27 ATVM फैसिलिटेटर
  • टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडी-वॉर्न कैमरे दिए गए

यात्री सुविधाएं एवं पहल

  • अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उरकुरा, भिलाई एवं भानुप्रतापपुर स्टेशनों का उद्घाटन (22.05.2025) किया गया।
  • भिलाई नगर स्टेशन तैयार हो चुका है और सरोना स्टेशन शीघ्र तैयार होगा।

नई ट्रेन सेवाएं

  • रायपुर–जबलपुर एक्सप्रेस (03.08.2025)
  • राजिम–रायपुर सेवा (18.09.2025)
  • अभनपुर–राजिम ब्रॉड गेज लाइन पर यात्री एवं माल संचालन शुरू किया गया।
  • दुर्ग–दल्लीराजहरा सेक्शन में 8 स्टेशनों के प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जा रहा है।
  • बालोद, दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर एवं गुदुम स्टेशनों पर दूसरा प्लेटफॉर्म स्वीकृत।
  • रायपुर स्टेशन पर 4 एस्केलेटर लगाए गए हैं और नया फुट ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है।
  • 52 ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर स्थायी ठहराव दिया गया।
  • वर्ष 2025-26 को शून्य ट्रेन दुर्घटना वर्ष के रूप में दर्ज किया गया।

अन्य प्रमुख कार्य

  • आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) निर्माण के माध्यम से कई लेवल क्रॉसिंग बंद किए गए, जिससे यातायात सुरक्षित और सुगम हुआ।
  • हथबंद–बैकुंठ (17.24 किमी) चौथी रेल लाइन को मंजूरी (₹274 करोड़)।
  • बैकुंठ–उरकुरा (26.40 किमी) चौथी लाइन परियोजना को स्वीकृति (₹426.01 करोड़)।