पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में पिछले प्रदर्शन से सबक लेते हुए कांग्रेस अब राज्य में अपनी जड़ों को मजबूत करने की कवायद में जुट गई है। इसी कड़ी में शनिवार को पटना में क्षेत्रीय स्तर पर नेशनल टैलेंट हंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर से ऐसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों को तलाशना और प्रशिक्षित करना है जो जिला राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जनता की आवाज बन सकें।
छूटे हुए अभ्यर्थियों के लिए विशेष अवसर
कार्यक्रम के संयोजक असित नाथ तिवारी ने बताया कि यह सत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए रखा गया है जो अपने संबंधित जोन में इंटरव्यू नहीं दे पाए थे या समय पर आवेदन करने से चूक गए थे। कांग्रेस इस कार्यक्रम के जरिए उन योग्य युवाओं को सीधा मंच प्रदान कर रही है जो बिना किसी राजनीतिक रसूख या सिफारिश के पार्टी की विचारधारा के साथ जुड़कर काम करना चाहते हैं।
इंटरव्यू में परखी जा रही है वैचारिक समझ
पटना में आयोजित इस टैलेंट हंट के दौरान अभ्यर्थियों को कड़ी चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। इसमें पैनल डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू शामिल हैं। उम्मीदवारों से मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर सवाल पूछे जा रहे हैं:
- पार्टी की विचारधारा: कांग्रेस के सिद्धांतों और इतिहास पर पकड़।
- करंट अफेयर्स: देश-दुनिया की ताजा राजनीतिक और सामाजिक घटनाएं।
- इतिहास व सामान्य ज्ञान: भारत और विशेषकर बिहार के ऐतिहासिक संदर्भ।
- शैक्षणिक पृष्ठभूमि: उम्मीदवार ने जिस विषय में शिक्षा प्राप्त की है उससे जुड़े तकनीकी प्रश्न।
इन तीन प्रमुख पदों के लिए हो रही है खोज
- कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से तीन विशिष्ट क्षेत्रों में नई प्रतिभाओं को नियुक्त करेगी:
- मीडिया प्रवक्ता व पैनलिस्ट: जो टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनुशासन के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें।
- रिसर्च को-ऑर्डिनेटर: जिनका काम तथ्यों और डेटा के आधार पर नीतिगत विश्लेषण और चुनावी मुद्दे तैयार करना होगा।
- पब्लिसिटी को-ऑर्डिनेटर: जो सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर पार्टी के संदेश को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें।
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