अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब सिख राजनीति गरमा गई है। पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सुखबीर बादल को चुनौती दी है कि यदि वे इसे साजिश मान रहे हैं, तो श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर इसे साबित करें।
क्या था सुखबीर बादल का आरोप?
हाल ही में सुखबीर सिंह बादल ने बिना नाम लिए पूर्व जत्थेदार पर निशाना साधा था। उन्होंने दावा किया कि जब उन्हें धार्मिक सजा सुनाई गई थी, तब उनके खिलाफ एक बड़ी साजिश रची गई थी। बादल के अनुसार, जानबूझकर उनकी सेवा श्री दरबार साहिब की ड्योढ़ी के बाहर लगाई गई और यह शर्त भी रखी गई कि उनके साथ सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने उन पर गोली चलाने की कोशिश की थी, जो इसी साजिश का हिस्सा था।

पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह का जवाब
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि 2 दिसंबर को समूची अकाली लीडरशिप ने श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर अपने गुनाह कबूल किए थे। पंथक मर्यादा के अनुसार ही उन्हें सजा दी गई थी।
ज्ञानी रघबीर सिंह ने कहा कि जो गुनाह गुरु की उपस्थिति में खुद स्वीकार किए गए हों, अब उन्हें ‘साजिश’ बताना पंथक परंपराओं और मर्यादा पर चोट करने जैसा है। उन्होंने कहा कि यदि सुखबीर बादल को लगता है कि उस समय कोई साजिश हुई थी, तो वे अकाल तख्त साहिब पर आएं और संगत के सामने अपने दावों को साबित करें।
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