​भागलपुर। जिले के दीपनगर मोहल्ले में बिहार पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही 22 वर्षीय छात्रा सुलेखा कुमारी का शव उसके किराए के कमरे में संदिग्ध अवस्था में मिला। सुलेखा लोदीपुर की रहने वाली थी और दो महीने पहले ही यहां रहने आई थी। मृतका की मां और भाई का स्पष्ट आरोप है कि उसकी योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई है।

​दृश्य और परिस्थितियां: आत्महत्या या साजिश?

​मृतका की मां खुशी देवी के अनुसार, सुलेखा का शव फर्श पर अर्ध-लेटी अवस्था में था और गले में दुपट्टे का फंदा लगा था। कमरे का दरवाजा खुला था, सामान बिखरा हुआ था और मोबाइल टूटा हुआ मिला। शरीर पर मारपीट के निशान और चेहरे पर चोट के गहरे धब्बे थे। परिजनों का कहना है कि सुसाइड करने वाला व्यक्ति कमरा व्यवस्थित रख कर और दरवाजा बंद कर जान देता है, जबकि यहां संघर्ष के स्पष्ट संकेत हैं।

​भाई बनकर आता था संदिग्ध युवक

​मकान मालिक संजय कुमार और अन्य किरायेदारों ने बताया कि एक युवक अक्सर स्कूटी से सुलेखा से मिलने आता था, जिसे वह अपना भाई बताती थी। मकान मालिक के पास जमा किए गए दस्तावेजों में भी पिता का नाम समान था, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। हालांकि, परिजनों ने ऐसे किसी भी भाई की जानकारी होने से इनकार किया है। कमरे से उस युवक और सुलेखा की तस्वीरें भी मिली हैं।

​मौके से मिले संदिग्ध साक्ष्य

​पुलिस को जांच के दौरान कमरे की छत पर सिगरेट के टुकड़े और नशीले पदार्थों के अवशेष मिले हैं। कमरे में आधा पका हुआ खाना (कटे हुए आलू और बने हुए चावल) मिला, जो दर्शाता है कि घटना अचानक हुई। पड़ोसियों का कहना है कि सुलेखा अक्सर रोती थी, जिससे मानसिक प्रताड़ना की आशंका भी जताई जा रही है।

​पुलिस की कार्रवाई और जांच

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि शरीर पर चोट के निशान हैं, लेकिन शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या जैसा दिख रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जब्त किए गए टूटे मोबाइल की जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। सुलेखा के पिता का निधन इसी वर्ष जनवरी में हुआ था और वह नौकरी पाकर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहती थी।