सोहराब आलम/पूर्वी चंपारण/आदापुर। पुलिस कप्तान की तमाम सख्ती और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिशों के बावजूद, आदापुर थाने में भ्रष्टाचार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने शनिवार को आदापुर थाने में छापेमारी कर एक ‘प्राइवेट मुंशी’ को 14,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
पूर्व सैनिक से मांगी थी आर्म्स लाइसेंस के लिए घूस
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति थाने के सरकारी कार्यों में अनाधिकृत रूप से हस्तक्षेप कर रहा था और खुद को मुंशी बताकर लोगों से काम के बदले पैसे वसूलता था। उसने एक पूर्व सैनिक से उनके आर्म्स लाइसेंस के वेरिफिकेशन और रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर मोटी रकम की मांग की थी। आरोपी ने यह दावा किया था कि यह पैसा अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाना है।
जाल बिछाकर विजिलेंस ने की गिरफ्तारी
पीड़ित पूर्व सैनिक ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की थी, जिसके बाद मामले का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर निगरानी की एक विशेष टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पूर्व सैनिक ने थाने के अंदर आरोपी को 14,000 रुपये थमाए, सादे लिबास में तैनात निगरानी के अधिकारियों ने उसे दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
थाने की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने जिला पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद एक बाहरी और अनाधिकृत व्यक्ति थाने के अंदर बैठकर सरकारी फाइलों का निपटारा कैसे कर रहा था? निगरानी की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। टीम आरोपी को गिरफ्तार कर पटना ले गई है, जहां उससे पूछताछ जारी है।
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