Business Desk : 8th Pay Commission : 13 अप्रैल की तारीख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाली है. नेशनल काउंसिल ऑफ़ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ़्टिंग कमेटी इस दिन एक अहम बैठक करने वाली है.

यह ध्यान देने वाली बात है कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा उस मेमोरेंडम को अंतिम रूप देना है, जिसे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा. यह मेमोरेंडम कर्मचारियों के मूल वेतन, फ़िटमेंट फ़ैक्टर और भत्तों के भविष्य के ढांचे को तय करेगा.

3.25 गुना बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारी संगठनों की सबसे पहली मांग फिटमेंट फैक्टर से जुड़ी है. फिलहाल, इस फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 या उससे ज्यादा करने का दबाव बनाया जा रहा है. फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है, जिसका इस्तेमाल मूल वेतन तय करने के लिए किया जाता है.

अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में काफी बढ़ोतरी होगी, जिससे वेतन ढांचे में एक बड़ा बदलाव आएगा. निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर शीर्ष अधिकारियों तक सभी पर लागू होगा.

इस बैठक में महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मिलाने के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा होने की उम्मीद है. फिलहाल, DA 58% है, और उम्मीद है कि यह आंकड़ा जल्द ही 60% तक पहुंच जाएगा.

अगर DA को मूल वेतन में मिला दिया जाता है, तो इसका सीधा असर मकान किराया भत्ता (HRA) यात्रा भत्ता (TA) और ग्रेच्युटी पर पड़ेगा. खास बात यह है कि इस कदम से न सिर्फ़ मौजूदा वेतन बढ़ेगा, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन में भी काफी बढ़ोतरी होगी.

शिव गोपाल मिश्रा ने 9 और मुद्दे उठाए

NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने आयोग को पत्र लिखकर मेमोरेंडम में नौ नए और अहम मुद्दों को शामिल करने का अनुरोध किया है. 12 मार्च को हुई पिछली बैठक के बाद, इन अतिरिक्त मुद्दों को अब 13 अप्रैल की बैठक में शामिल किया जाएगा, ताकि एक मज़बूत मसौदा तैयार किया जा सके. 8वें वेतन आयोग के पास अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय है. उम्मीद है कि यह मेमोरेंडम आयोग के अंतिम फैसलों का मुख्य आधार बनेगा.