पटना। बिहार की राजनीति में नए मुखिया के तौर पर सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री का पदभार संभालते ही उन्होंने सुशासन की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली को अपनाते हुए सम्राट चौधरी ने अपने सरकारी आवास (देशरत्न मार्ग) पर ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया। इस दौरान भारी सुरक्षा और पंजीकरण प्रक्रिया के बाद आम लोगों को अपनी व्यथा सुनाने का मौका मिला।

​भ्रष्टाचार और अफसरशाही के विरुद्ध जनविश्वास

​जनता दरबार में दूर-दराज से पहुंचे लोगों की आंखों में उम्मीद और प्रशासन के प्रति आक्रोश दोनों दिखा। मसौढ़ी से आए एक बुजुर्ग ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि वर्तमान में बिहार में भ्रष्टाचार और अफसरशाही अपनी चरम सीमा पर है। हालांकि, उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कड़े तेवरों पर भरोसा जताते हुए कहा, हमें विश्वास है कि सम्राट के आने से अपराधियों में खौफ पैदा होगा और वे बिहार छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे।

​बेरोजगारी की गुहार और उम्मीद की किरण

​दरबार में केवल प्रशासनिक शिकायतें ही नहीं, बल्कि रोजगार की आस भी दिखी। बाढ़ से आई मीता देवी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह मैट्रिक पास हैं और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए झाड़ू-पोछा करने को मजबूर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि उन्हें योग्यता के अनुसार गार्ड या किसी भी सरकारी पद पर नियोजित किया जाए ताकि वह सम्मानजनक जीवन जी सकें।

​शिक्षा जगत में हलचल: TRE-4 का शंखनाद

​नई सरकार के गठन के साथ ही शिक्षा विभाग में नियुक्तियों की रफ्तार बढ़ गई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (TRE-4) की तैयारी तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल तक इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा, जबकि परीक्षाएं 22 से 27 सितंबर के बीच आयोजित की जाएंगी।

​समीक्षा बैठकें और नारी शक्ति का सम्मान

​प्रशासनिक सुधार के लिए सम्राट चौधरी लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं। शुक्रवार सुबह उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अभियान’ में हिस्सा लिया, जहां महिलाओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात, उन्होंने मुख्य सचिवालय में नगर विकास सहित विभिन्न विभागों की गहन समीक्षा की। दिलचस्प बात यह रही कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्य करने के तरीकों और सचिवालय की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया ताकि शासन में निरंतरता और सुधार बना रहे।