हरियाणा के पंचकूला में पिछले 9 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे PGT अभ्यर्थियों के धरने को पुलिस ने देर रात हटा दिया, जिस पर कांग्रेस ने बड़े सवाल उठाए हैं।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में HPSC PGT भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों का धरना अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Randeep Singh Surjewala ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि पंचकूला के सेक्टर-5 में पिछले नौ दिनों से आमरण अनशन पर बैठे OBC एवं अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के धरने को शुक्रवार देर रात पुलिस बल के जरिए हटवा दिया गया।

सुरजेवाला ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि नौ दिन तक अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर भूखे-प्यासे बैठे अभ्यर्थियों की सुध लेने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा, लेकिन रात करीब 11:30 बजे भारी पुलिस बल के साथ धरना स्थल खाली कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंट उखाड़ दिए गए, कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया और महिला अभ्यर्थियों के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। कांग्रेस नेता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सुरजेवाला द्वारा साझा किए गए वीडियो में पीएचडी शोधार्थी और अभ्यर्थी अमे कश्यप दावा करती हैं कि वे और उनके साथी पिछले नौ दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे थे, लेकिन उनकी मांगों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। उनका कहना है कि देर रात पुलिस पहुंची, धरना स्थल हटाया, उनके साथियों को हिरासत में लिया और मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। वीडियो में उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से मदद की अपील भी की है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि HPSC भर्ती प्रक्रिया में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, पुलिस और हरियाणा सरकार की ओर से कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन का पक्ष आना अभी बाकी है।