कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग ने पोस्टर का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते ही पटना की सड़कों पर सियासी तपिश बढ़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने पार्टी कार्यालय के बाहर एक प्रतीकात्मक पोस्टर लगाकर एनडीए और विशेषकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
कोई ऐसा सगा नहीं, जिसे भाजपा ने ठगा नहीं
राजद द्वारा लगाए गए इस विवादित पोस्टर में एक विशाल ‘अजगर’ की तस्वीर बनाई गई है, जिसे भाजपा के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है। पोस्टर में बड़े अक्षरों में एक स्लोगन लिखा है- कोई ऐसा सगा नहीं, जिसको भाजपा ने ठगा नहीं। इस कटाक्ष के जरिए राजद ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा अपने सहयोगियों का राजनीतिक इस्तेमाल करने के बाद उन्हें निगल जाती है।
कुर्सी और राज्यसभा का सियासी खेल
पोस्टर में मुख्यमंत्री की कुर्सी और एक तीर के जरिए राज्यसभा की ओर इशारा किया गया है। राजद का आरोप है कि भाजपा की नजर अब मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है और वह नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता से हटाकर केंद्र की राजनीति (राज्यसभा) में भेजने की तैयारी कर चुकी है। विपक्षी दलों का मानना है कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति के तहत हो रहा है ताकि भाजपा राज्य में अपना पूर्ण वर्चस्व स्थापित कर सके।
सत्ता की मलाई और राजद का प्रहार
राजद के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. एजाज अहमद ने भाजपा की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति ‘सत्ता हड़पो और मलाई खाओ’ की है। एजाज अहमद के अनुसार, एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री बनने की होड़ मची है और जनता के हितों को ताक पर रख दिया गया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें अब और तेज हो गई हैं, जिसे विपक्ष विश्वासघात की राजनीति करार दे रहा है।
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