राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर सियासत गरमाई हुई है। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण गरीबों के लिए चल रही सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की अटल कैंटीन और रैन बसेरों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है, जबकि सरकार हालात सामान्य होने का दावा कर रही है।
सरकार के दावों पर कांग्रेस का सवाल
देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण अब सरकारी योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की अटल कैंटीन और रैन बसेरों में रहने वाले गरीब आश्रितों को खाना मिलना लगभग बंद होने की स्थिति में है। यादव ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों जनता को यह कहकर दिलासा दे रहे हैं कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
अटल कैंटीन में 4 गुना बढ़ी भीड़, लेकिन खाना कम
देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार की गलत नीतियों और नाकामी के कारण गरीब और जरूरतमंद लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते दिल्ली में चल रही अटल कैंटीन जैसी योजनाओं में संकट खड़ा हो गया है। यादव के अनुसार, पांच रुपये में मिलने वाली थाली के लिए अब लोगों की भीड़ चार गुना तक बढ़ चुकी है। राजधानी में मौजूद 71 अटल कैंटीन सिलेंडर की कमी के कारण सुबह और शाम मिलाकर एक दिन में करीब 1000 लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में भी विफल साबित हो रही हैं।
रैन बसेरों में भी खाने का संकट गहराया
देवेंद्र यादव ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने के कारण दिल्ली सरकार के रैन बसेरों में रहने वाले आधे से अधिक लोग पर्याप्त भोजन नहीं पा रहे हैं। यादव ने बताया कि राजधानी के अधिकांश रैन बसेरों में पिछले लगभग दो सप्ताह से केवल 40 प्रतिशत लोगों को ही खाना मिल रहा है। कई लोग रात में भूखे ही सोने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
कई इलाकों की अटल कैंटीन प्रभावित
देवेंद्र यादव ने बताया कि नरेला, मंगोलपुरी, हैदरपुर, बुध विहार, इंद्रपुरी, गीता कॉलोनी, झिलमिल और आर.के. पुरम समेत कई इलाकों की अटल कैंटीन गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने में असफल हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन संचालित करने वाले लोग भी सिलेंडर न मिलने के कारण खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। घरों में गैस सिलेंडर नहीं होने के कारण लोग भूख से परेशान होकर अटल कैंटीन के बाहर तीन से चार घंटे पहले ही टोकन लेने के लिए लाइन में लग रहे हैं।
ढाबे और छोटे रेस्टोरेंट भी हो रहे बंद
देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में गैस सिलेंडर की कमी का असर अब स्ट्रीट फूड, छोटे-बड़े ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर कारोबार बंद होने की स्थिति बन गई है। यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में न तो रोजगार की स्थिति सुधरी है और न ही महंगाई पर नियंत्रण है। अब सिलेंडर की कमी के कारण आम लोगों को रोजमर्रा का भोजन हासिल करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
देवेंद्र यादव ने कहा कि देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी सरकार की नाकामी और अदूरदर्शिता का परिणाम है। उन्होंने बताया कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में यदि ईरान-इजरायल युद्ध के तीसरे दिन ही रसोई गैस की कमी दिखने लगे, तो इसका मतलब है कि सरकार के पास पर्याप्त भंडारण नहीं था। यादव ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार के पास कम से कम छह महीने के पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण या वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए थी, जिसमें केंद्र सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।
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