पटना। बिहार की राजनीति में छोटे सरकार के नाम से चर्चित पूर्व विधायक अनंत सिंह 141 दिनों के लंबे इंतजार के बाद जेल से बाहर आ चुके हैं। दुलारचंद हत्याकांड में बेल मिलने के बाद आज उनका स्वागत किसी उत्सव से कम नहीं रहा। पटना से लेकर उनके पैतृक गांव तक का नजारा बिल्कुल किसी फिल्मी ब्लॉकबस्टर जैसा दिखा।

​1 किलोमीटर लंबा काफिला और 200 गाड़ियां

​अनंत सिंह का जेल से बाहर निकलना एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। पटना से उनके विधानसभा क्षेत्र मोकामा तक 50 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया। उनके साथ लगभग 200 लग्जरी गाड़ियों का काफिला चल रहा था, जो सड़क पर करीब 1 किलोमीटर तक फैला नजर आया। इस दौरान बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच समर्थकों ने उन्हें शेर-ए-बिहार के नारों से नवाजा।

​फूल-मालाओं से स्वागत, सेल्फी की मची होड़

​बख्तियारपुर, बाढ़ और अथमलगोला जैसे इलाकों में समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। जगह-जगह गाड़ियां रुकीं और लोग अपने नेता के साथ सेल्फी लेने के लिए बेताब दिखे। समर्थकों ने फूलों की बारिश कर अपने विधायक का अभिनंदन किया। हर मोड़ पर भारी भीड़ और उत्साह अनंत सिंह के प्रति उनके क्षेत्र की दीवानगी को साफ बयां कर रहा था।

​मंदिर निर्माण का संकल्प

​रोड शो के बीच अनंत सिंह अपने पैतृक गांव नदवां पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी कुलदेवी के मंदिर में मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी की ओर से जब महादेव का मंदिर बनवाने का आग्रह किया गया, तो अनंत सिंह ने तुरंत हामी भरते हुए कहा, ठीक है, हम बनवा देंगे। इसके बाद वह मोकामा की ओर बढ़ गए।
​जनता का यह हुजूम बता रहा है कि जेल की सलाखों के पीछे रहने के बावजूद अनंत सिंह का सियासी रसूख आज भी बरकरार है।