रायपुर. 31 मार्च 2026 को तय समय सीमा में नक्सलवाद आज खत्म हो गया. यह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से तय किया गया निर्धारित समय था. इस तय समय में 50 वर्ष के नक्सलवाद को खत्म करना जाहिर सी बात एक बड़ी चुनौती थी. लेकिन इस कठिन चुनौती को केंद्रीय गृहमंत्री की रणनीति, सुरक्षाबलों के हौसले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प के साथ हम सबने पूरा कर लिया. यह बातें आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित हमर पहुना कार्यकम में कही.

पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया कि कैसे तय समयसीमा में नक्सलवाद को खत्म करने के लक्ष्य को पूरा लर लिया गया. उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने में केंद्र और राज्य सरकार की अपनी भूमिका तो रही है, साथ ही आदिवासी समाज और पत्रकारों की भूमिका भी अहम रही है. सुरक्षाबल के जवानों ने जिस हौसले और भरोसे के साथ नक्सल ऑपरेशन को अंजाम दिया वह ऐतिहासिक है.
उन्होंने कहा कि नियत अवधि में 536 नक्सलियों को जवानों ने ढेर किया. 2900 नक्सलियों ने सरेंडर किया. जवानों ने अभियान चलाकर 2038 नक्सलियों को पकड़े. इस दौरान टोटल हथियार 1258 बरामद किए गए. इसमें AK-47, एसएलआर, इंसास, एलएमजी, 303 के साथ विदेशी हथियार में कार्बाइन और पिस्टल शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए 120 से ज्यादा सुरक्षा कैंप बनाए गए. वहीं दूसरी ओर आदिवासी इलाकों में आम लोगों के जीवन को बेहतर करने के लिए नवीन पुल-पुलिया निर्माण के साथ संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए मोबाइल टावर बनाए गए हैं.
नक्सलवाद के खात्मे के साथ ही गृह मंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था. विपक्ष से सहयोग की आवश्यकता थी. बस्तर के समाज के प्रमुखों के साथ बैठता था. समाज के लोगों ने पुनर्वास कराया. कांकेर के नार्थ दक्षिण में एक प्रतिशत नक्सल रह गए हैं. जो वाद चल रहा था, वो बंदूक से हथियार से सरकार बनाने का था.
देखिए गृह मंत्री विजय शर्मा से चर्चा-
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