रेणु अग्रवाल, धार। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयसूर्या के खिलाफ महिला आशा शर्मा ने मारपीट करने धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। आशा शर्मा राज्य क्षेत्र की महिला मोर्चा की मंडल अध्यक्ष हैं। उन्होंने सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी पारुल बेलापुरकर को आवेदन सौंपा।
‘भाजपा नेता ऐसा कर ही नहीं सकते’
भाजपा नेत्री का आरोप है कि पिछले 2 साल से जयसूर्या और भाजपा नेता दीपक फेमस उन्हें डरा-धमका रहे हैं। पुलिस में कई बार शिकायत की लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। महिला नेत्री ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर जिला अध्यक्ष निलेश भारती से भी संगठन स्तर पर शिकायत की है। लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। हमारी भाजपा का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता है। मैं मामला दिखवाता हूं।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था विवाद
आशा शर्मा ने आवेदन में बताया कि पिछले करीब दो सालों से उन्हें और उनके पति को लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे विवाद की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद हुई थी, जब जयसूर्या युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष थे। इसके बाद आरोपी और उनके साथियों ने घर पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर उनके और पति के साथ मारपीट की।
गांव छोड़ने की धमकी दी
इतना ही नहीं, आरोपियों ने फोन पर भी जान से मारने और गांव छोड़ने की धमकी दी गई। आशा शर्मा का आरोप है कि आरोपियों के गुर्गों द्वारा कई बार रास्ते में रोककर भी मारपीट की गई और खुलेआम जान से मारने की धमकियां दी जाती रही हैं। लगातार मिल रही धमकियों के चलते उन्हें और उनके पति को गांव छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। बीते समय में आजीविका के लिए अलग-अलग शहरों में संघर्ष करना पड़ रहा है।
कई बार आवेदन देने पर भी नहीं हुई कार्रवाई
उन्होंने यह भी बताया कि इस पूरे मामले को लेकर राजोद थाने सहित अन्य जगहों पर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिसकी वजह से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं। आशा शर्मा ने बताया कि हाल ही में जब वह दोबारा अपने गांव लौटीं, तब भी आरोपियों ने उनका पीछा किया और धमकाया।
महिला नेत्री ने दी चेतावनी
उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी उनके परिवार के साथ कोई गंभीर वारदात कर सकते हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने को मजबूर होंगी। आवेदन में आशा शर्मा ने आरोपियों को आपराधिक प्रवृत्ति का बताते हुए उनके खिलाफ पूर्व में भी विभिन्न प्रकरण दर्ज होने की बात कही है।
फिलहाल मामले में पुलिस द्वारा जांच किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन अब यह देखना होगा कि इस गंभीर शिकायत पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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