हेमंत शर्मा, इंदौर। आज भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती पर उनकी जन्मस्थली महू में आस्था का सैलाब उमड़ा, लेकिन श्रद्धा के इस आयोजन में अव्यवस्था और पुलिस के व्यवहार ने पूरे माहौल को विवाद में बदल दिया। महू में सुबह से ही देशभर से आए हजारों अनुयायी बाबा साहेब अंबेडकर को नमन करने पहुंचे।
अनुयायियों को पुलिसकर्मियों ने हटाना शुरू कर दिया
लोग अपने परिवार के साथ जन्मस्थली पर पहुंचे, इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए फोटो भी खिंचवा रहे थे। लेकिन इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में आ गया। आरोप है कि फोटो खींच रहे अनुयायियों को पुलिसकर्मियों ने अचानक हटाना शुरू कर दिया। कई लोगों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दूर-दराज से आए अनुयायियों ने जब इस व्यवहार का विरोध किया, तो नाराजगी खुलकर सामने आ गई।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
लोगों ने मौके पर ही नारेबाजी शुरू कर दी और पुलिस के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा विवाद उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जा रहा था। लेकिन सवाल यही उठता है कि वीआईपी व्यवस्था के नाम पर क्या आम अनुयायियों की गरिमा को नजरअंदाज किया जा सकता है?
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