मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे में आग ने जमकर तांडव मचाया। बैतूल में खेत में लगी आग एक पोल्ट्री फॉर्म तक जा पहुंची। जिससे 6 हजार से ज्यादा मुर्गियों की झुलसकर मौत हो गई। बैतूल में ही आगजनी के एक और मामले में चार मवेशी जिंदा जल गए। धार जिले में खाटू श्याम मंदिर के पास कपड़ों से भरे एक कंटेनर में भीषण आग लग गई। कंटेनर का आगे का हिस्सा पूरी तरह जलकर राख हो गया। सिंगरौली के नोडिया गांव में थाना प्रभारी की सूझबूझ से आगजनी का बड़ा हादसा टल गया। वहीं सीहोर के जंगलों में सैकड़ों पेड़ जलकर खाक हो गए।
बैतूल में 6 हजार से ज्यादा मुर्गियों की झुलसकर मौत
अमित पवार, बैतूल। जिले के प्रभातपट्टन ब्लॉक के इटावा मार्ग में आगजनी की अब तक की सबसे भयावह घटना हुई। जहां खेतों में लगी आग पोल्ट्री फॉर्म तक जा पहुंची। जिससे 6 हजार से ज्यादा मुर्गियों की आग में झुलसकर मौत हो गई। पोल्ट्री फॉर्म कृषि उपकरण और फसल मिलाकर लगभग 15 लाख से अधिक का नुकसान बताया जा रहा है। किसान परिवार गहरे सदमे में है। फिलहाल राजस्व अमला नुकसान के आंकलन में जुटा हुआ है।

बैतूल में खेत के मकान में लगी आग, 4 मवेशी जिंदा जले
अमित पवार, बैतूल। जिले में चिचोली थाना क्षेत्र के बालईमॉल गांव में एक किसान के खेत में बने मकान में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि दोपहर अचानक लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज़ थी कि किसान को संभलने तक का मौका नहीं मिला और मकान में बंधे मवेशियों को बाहर नहीं निकाल पाया।
इस दर्दनाक हादसे में किसान के चार मवेशी जिंदा जल गए। वहीं कृषि उपकरण और मवेशियों का चारा भी पूरी तरह राख हो गया। आगजनी में किसान को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।

धार में खाटू श्याम मंदिर के पास कपड़ों से भरे कंटेनर में लगी आग
रेणु अग्रवाल, धार। जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के एबी रोड पर मंगलवार शाम को एक चलती कंटेनर में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना फूडी होटल चौराहे के पास, खाटू श्याम मंदिर के पास की है। जानकारी के मुताबिक, कंटेनर क्रमांक UP 21 CW 5760 गुजरात के सूरत से कपड़ों की गांठ भरकर मुजफ्फरनगर जा रहा था। इसी दौरान अचानक कंटेनर से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों ने कुछ ही देर में कंटेनर के केबिन को अपनी चपेट में ले लिया।
हालांकि चालक और क्लीनर ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कंटेनर से कूदकर अपनी जान बचा ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण वायरिंग में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही डायल 100 धामनोद पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कंटेनर का आगे का हिस्सा पूरी तरह जल चुका था। इधर, आगजनी के चलते एबी रोड पर जाम की स्थिति बन गई। खलघाट से इंदौर जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा, जबकि इंदौर से खलघाट की ओर आवागमन सुचारू बना रहा। पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट कर सिंगल लेन से निकासी करवाई। फिलहाल धामनोद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
सिंगरौली के नोडिया गांव में लगी आग, थाना प्रभारी की सूझबूझ से टला हादसा
सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। नगर परिषद सरई अंतर्गत नोडिया गांव, वार्ड क्रमांक 12 में भैया लाल जायसवाल के घर में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान सरई थाना प्रभारी जितेंद्र भदौरिया वहां से गुजर रहे थे। आग की लपटें देखते ही उन्होंने बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने न केवल स्थिति का जायजा लिया, बल्कि खुद ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गए।
थाना प्रभारी की तत्परता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के चलते आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस दौरान उन्होंने एक बुजुर्ग महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाई। घटना के बाद गांववासियों ने थाना प्रभारी के इस मानवीय और साहसिक कार्य की जमकर सराहना की तथा उनका आभार व्यक्त किया। यह घटना पुलिस की संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और मानवता की सशक्त मिसाल के रूप में सामने आई है।

सीहोर के जंगलों में तांडव, सैकड़ों पेड़ खाक,
अनुराग शर्मा, सीहोर। जिले में पारा चढ़ते ही जंगलों के सुलगने का सिलसिला शुरू हो गया है। सोमवार की रात जावर स्थित सेल फैक्ट्री के पास के जंगलों में अचानक लपटें उठती देखी गईं। रात का समय होने के कारण दूर से ही आग का विकराल रूप नजर आ रहा था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और जिला प्रशासन को दी। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे जंगल का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ।
सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर फाइटर्स और वन कर्मियों को आग बुझाने में कई घंटों तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जिले में तापमान बढ़ने के साथ ही सूखी घास और पत्तियां बारूद की तरह काम कर रही हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही बुधनी के जंगलों में भी ऐसी ही आगजनी हुई थी। गौरतलब है कि “गर्मी के मौसम में जंगलों में ‘फायर लाइन’ की सफाई न होना और मानवीय लापरवाही आग का मुख्य कारण बनती है। वन विभाग को अब संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ानी होगी।”

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