भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कृषि इतिहास का नया अध्याय शुरू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोकता बायपास से 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाई। सीएम स्वयं ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार हुए। मुख्यमंत्री ने रैली से पहले किसानों को संबोधित करते सोमनाथ मंदिर का ऐतिहासिक प्रसंग रखा।

गरीब-युवा, महिला और किसान कल्याण का संकल्प

सीएम डॉ मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में ट्रैक्टर रैली को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने सरदार पटेल से सोमनाथ पुनर्निर्माण और राम मंदिर निर्माण तक भारत की सांस्कृतिक यात्रा का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ पूरे साल चलने वाला अभियान होगा। उद्योग-रोजगार वर्ष की तरह अब कृषक कल्याण वर्ष का मॉडल लागू। गरीब, युवा, महिला और किसान- चार वर्गों के समग्र कल्याण का संकल्प है। वर्ष के अंत तक किसानों के लिए ठोस उपलब्धियों का भरोसा है।

16 विभाग मिलकर करेंगे किसानों के लिए काम

उन्होंने आगे कहा कि 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए कार्य करेंगे। प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुंची। किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ट्रैक्टर रैली के बाद राजधानी के जंबूरी मैदान पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद है। जंबूरी मैदान में कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन, गौ-पूजन कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। मिनी ट्रैक्टर पर बैठकर आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली।

किसान अब उद्यमी बनने की ओर अग्रसर- मंत्री कृष्णा गौर

मंत्री कृष्णा गौर ने आज के दिन को एमपी के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने “किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा” का संदेश दिया। कृष्णा गौर ने कहा कि अन्नदाता किसान अब उद्यमी बनने की ओर अग्रसर है। कृषक कल्याण वर्ष का उद्देश्य खेती को लाभकारी और तकनीक आधारित बनाना है। फोकस सेक्टर: उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य-पालन, खाद्य प्रसंस्करण, जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा है। प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं और प्रसंस्करण पर जोर है।

खेती को नई पहचान

एग्री-टेक, ड्रोन, एफपीओ और हाइड्रोपोनिक्स में नए अवसर है। ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार सृजन है। कृषि और ग्रामीण क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है। कृषि बजट में निरंतर वृद्धि, समर्थन मूल्य, भावांतर योजना, फसल बीमा, किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं सक्रिय है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और कृषि उन्नति योजना लागू, रानी दुर्गावती श्री अन्न प्रोत्साहन योजना से मोटे अनाज को बढ़ावा, कृषक कल्याण वर्ष से अन्नदाता का समग्र विकास लक्ष्य है। किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। जंबूरी मैदान से प्रदेशव्यापी कृषि अभियान की शुरुआत की गई है। जो मध्यप्रदेश की खेती को नई पहचान देने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगा।

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