बेगूसराय। जिले में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। पेट्रोलियम कंपनियों के ‘पर्याप्त स्टॉक’ के दावों के बीच जमीनी हकीकत डराने वाली है। जिले की बागबाड़ा स्थित नीलम एचपी गैस एजेंसी पर हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि स्थिति संभालने के लिए पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी है।
सुबह 6 बजे से लंबी कतारें
पिछले तीन-चार दिनों से उपभोक्ता अपना सारा काम छोड़कर सुबह 6 बजे से ही एजेंसी के बाहर लाइन में लग रहे हैं। लंबी कतारों में खड़े लोगों का आरोप है कि घंटों इंतजार के बाद जब उनकी बारी आती है, तब तक ट्रक का स्टॉक खत्म हो जाता है। उपभोक्ताओं के चेहरे पर सिस्टम के खिलाफ गुस्सा और अपनी बेबसी साफ झलक रही है।
चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
गैस न मिलने के कारण घरों में संकट खड़ा हो गया है। कमरुद्दीनपुर के संजय रजक और उपभोक्ता साकेत कुमार ने बताया कि डिलीवरी बॉय घर नहीं पहुंच रहे और एजेंसी पर सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। महिला उपभोक्ता नीतू देवी का दर्द छलका कि वे 10 दिनों से छोटे बच्चों को घर छोड़कर चिलचिलाती धूप में भूखी-प्यासी खड़ी हैं, लेकिन गैस नसीब नहीं हो रही। नतीजतन, कई परिवारों को फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दावों की पोल और कुप्रबंधन का आरोप
कंपनियां भले ही कमी से इनकार करें, लेकिन पुलिस सुरक्षा में बंट रहे सिलेंडर वितरण प्रणाली की विफलता की गवाही दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस कृत्रिम किल्लत के पीछे कालाबाजारी और एजेंसी का कुप्रबंधन मुख्य कारण है। जनता आज एक-एक सिलेंडर के लिए सड़कों पर जद्दोजहद कर रही है।
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