अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। ईरान-इजराइल के बीच जारी युद्ध की वजह से बिहार समेत पूरे देश में LPG की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सासाराम में भी रसोई गैस की कमी होने से लोगों को परेशानी बढ़ती दिख रही है। सुबह-सुबह गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जहां घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग और महिलाओं को हो रही है, जिन्हें लाइन में खड़े रहने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं ने लगाया कालाबाजारी का आरोप

उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी की ओर से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी की जा रही है, जिसके कारण आम लोगों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। लोगों का कहना है कि जिनके पास पैसे हैं, उन्हें आसानी से सिलेंडर मिल जा रहा है, जबकि सामान्य उपभोक्ता एजेंसी के बाहर घंटों तक लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हैं।

DAC नंबर के आधार पर हो रही सप्लाई

मामले को लेकर नगर स्थित एक गैस एजेंसी के मैनेजर राजेश कुमार ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि “13 तारीख तक जिन उपभोक्ताओं का नंबर लगा है और जिनका डीएससी नंबर आ चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सप्लाई सीमित है, इसलिए सभी को एक साथ गैस देना संभव नहीं है।”

ब्लैक मार्केटिंग को मैनेजर ने नकारा

मैनेजर ने ब्लैक मार्केटिंग के आरोपों को नकारते हुए कहा कि, एजेंसी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है, जहां उपभोक्ताओं की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाता है और लोगों को कब तक राहत मिल पाती है।

भारत सरकार का क्या है कहना?

एक तरफ जहां देश भर में एलपीजी की किल्लत को लेकर लोगों में हाहाकार सा मचा हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ भारत सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी की आपूर्ति सुचारू रूप से हो रही है। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भी वैकल्पिक मार्गों से निर्बाध आयात भरोसा दिलाया है। साथ ही लोगों से घबराने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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