​नई दिल्ली/पटना। भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब गुणवत्ता का भोजन परोसने के मामले में रेलवे ने अपनी कैटरिंग इकाई IRCTC पर 10 लाख रुपये और संबंधित फूड वेंडर पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। साथ ही, दोषी ठेकेदार का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह घटना 16 मार्च 2026 की है। पटना निवासी रितेश कुमार सिंह अपने साथियों के साथ ट्रेन संख्या 21896 (पटना-टाटानगर वंदे भारत) के कोच C-6 में यात्रा कर रहे थे। रात के भोजन के दौरान उन्हें परोसी गई दाल और दही में कीड़े मिले। यात्री ने तुरंत इसकी शिकायत दर्ज कराई और भोजन की स्वच्छता पर गंभीर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसे भरोसे का कत्ल करार दिया गया।

जांच में पुष्टि और कड़ी कार्रवाई

​शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन ने त्वरित जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट में यात्री के आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेन में परोसा जा रहा भोजन न केवल घटिया था, बल्कि स्वच्छता, पैकेजिंग और गुणवत्ता के तय मानकों का भी घोर उल्लंघन किया गया था। रेलवे ने इसे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ माना।

​कार्रवाई का विवरण इस प्रकार है:

  • ​IRCTC पर जुर्माना: निगरानी में विफलता के कारण 10 लाख का दंड।
  • ​फूड वेंडर पर कार्रवाई: अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन हेतु 50 लाख का जुर्माना और ब्लैकलिस्टिंग।
  • ​अनुबंध रद्द: वेंडर का लाइसेंस तुरंत खत्म कर दिया गया है।

​रेलवे का सख्त संदेश

​इस मामले पर IRCTC पटना का कहना है कि जुर्माना पूरी संस्था पर लगाया गया है क्योंकि वे नोडल एजेंसी हैं। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में सेवाओं का स्तर उच्चतम होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​यात्रियों के लिए नई व्यवस्था

  • ​भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
  • ​स्टेशनों और ट्रेनों में सरप्राइज फूड इंस्पेक्शन की संख्या बढ़ा दी गई है।
  • ​वेंडर्स के लिए सख्त रेटिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है।
  • ​शिकायत मिलते ही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत तत्काल एक्शन लिया जा रहा है।
  • ​रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा या खराब सेवा की स्थिति में तुरंत आधिकारिक माध्यमों से शिकायत दर्ज करें ताकि साख और सेहत, दोनों की रक्षा की जा सके।