सहरसा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण धमाके ने कई जिंदगियां लील ली हैं। इस हादसे ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि बिहार के उन गरीब परिवारों को भी उजाड़ दिया है जो दो वक्त की रोटी के लिए अपनों से दूर आए थे।

​धमाके से पहले गूंजी झर-झर की आवाज

​चश्मदीद नंदन कुमार के मुताबिक, दोपहर के लंच का समय था। कुछ मजदूर खाना खाकर सुस्ता रहे थे, तो कुछ बाहर टहल रहे थे। तभी अचानक अमोनिया गैस रिसाव जैसी झर-झर की आवाज आने लगी। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, एक जोरदार धमाका हुआ और कोल्ड स्टोरेज की पक्की इमारत भरभराकर गिर गई। मलबे के नीचे दबने और दम घुटने से चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।

​मासूम गोद में, पति को दी मुखाग्नि

​इस हादसे की सबसे हृदयविदारक तस्वीर बिहार के सहरसा जिले से आई है। मृतक ज्योतिष महज 20 दिन पहले अपने नवजात बेटे की छठी का संस्कार पूरा कर काम पर लौटा था। सहरसा के गांव में जब उसका शव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया। अपनी गोद में दूधमुंहे बच्चे को लिए उसकी पत्नी ने अपने पति का अंतिम संस्कार किया। रोजगार के अभाव में यह मजदूर मात्र 8 से 12 हजार रुपये की खातिर पलायन को मजबूर थे।

​कार्रवाई और रेस्क्यू ऑपरेशन

​प्रशासन ने अब तक मलबे से 4 शव निकाले हैं, जबकि 17 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रही है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद, उसके बेटे मंजर और भतीजे अलाउद्दीन को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि सुल्तानपुर का ठेकेदार बलवंत सिंह इन मजदूरों को बिहार से लेकर आया था।